जीएसटी कागज सही, माइनिंग दस्तावेज गायब, कोयला लदे दो ट्रक जब्त
ठाकुरगंजबिहार-पश्चिम बंगाल सीमा पर कोयला लदे ट्रकों को पकड़ने का सिलसिला लगातार जारी है. बुधवार सुबह भी दो ट्रक गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार के द्वारा जब्त किये गये. जांच के दौरान ट्रक से टैक्स इंन्वाइस ई-वे बिल और वजन स्लीप जैसे दस्तावेज बरामद हुए, जिससे प्रारंभिक तौर पर परिवहन वैध प्रतीत हुआ. लेकिन जानकारों के अनुसार खनन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज डिलिवरी ऑर्डर और ई-परमिट (ट्रांजिट पास) ट्रक ड्राईवर के पास नहीं पाए गए. ये दस्तावेज कोयले के वैध स्रोत और रॉयल्टी भुगतान की पुष्टि के लिए जरूरी माने जाते हैं.
बताते चले कोयला बृहत् खनिज के दायरे में आता है, बृहत् खनिज (जैसे कोयला) पर रॉयल्टी खदान स्तर पर तय होती है और कंपनियां उत्पादन के आधार पर सरकार को भुगतान करती हैं. यह व्यवस्था माइंस एंड मिनिरल्सएक्ट, 1957 के तहत लागू होती है. इस व्यवस्था के तहत कोयले के हर डिस्पैच के साथ डिलिवरी ऑर्डर और ई- परमिट जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं, जो यह साबित करते हैं कि खनन वैध है और रॉयल्टी जमा की गई है.
असम से हरियाणा भेजा जा रहा था कोयला
बुधवार को जप्त कोयल से प्राप्त कागजातों के अनुसार, कोयला असम के एक व्यापारी द्वारा हरियाणा की एक फर्म को भेजा जा रहा था. लगभग 43 मीट्रिक टन कोयला एक ट्रक पर लदा था. खदान का स्रोत स्पष्ट नहीं होने से मामले को संदिग्ध माना जा रहा है.
राजस्व नुकसान की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, संबंधित मात्रा पर देय रॉयल्टी व अन्य शुल्क के रूप में सरकार को हजारों रुपये के नुकसान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है. आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पक्षों से जानकारी मांगी जाएगी और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
