किशनगंज में मौसम का बदला मिजाज: उमस भरी गर्मी से राहत पर मूसलाधार बारिश का इंतजार

किशनगंज जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है. हालांकि, किसानों को धान की रोपाई के लिए मूसलाधार बारिश का बेसब्री से इंतजार है.

महज 24 घंटे के भीतर पूरे जिले के मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है और जिले के सभी सातों प्रखंडों में आसमान पर काले बादलों ने डेरा डाल दिया है. हालांकि, फिलहाल जिले में कहीं भी भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है, लेकिन ठंडी हवाओं के चलने और सूरज की तपिश कम होने से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे जनजीवन को बड़ी राहत मिली है.

जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में बादलों की घेराबंदी

मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर जिले के कोने-कोने में देखने को मिल रहा है:

  • किशनगंज मुख्यालय: सुबह से ही आसमान घने बादलों की चादर से ढका रहा. तेज धूप नहीं निकलने से बाजारों और सड़कों पर आवागमन करने वाले लोगों ने राहत महसूस की. आज दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
  • ठाकुरगंज व दिघलबैंक: नेपाल और दार्जिलिंग की पहाड़ियों से सटे ठाकुरगंज तराई इलाके में मौसम अन्य भागों की तुलना में अधिक सुहावना बना हुआ है. वहीं सीमावर्ती क्षेत्र दिघलबैंक में मौसम का यह बदलाव सबसे पहले देखा गया, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी से मुक्ति मिली है.
  • टेढ़ागाछ, पोठिया व बहादुरगंज: इन ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहा. बहादुरगंज और पोठिया में तापमान गिरने से मौसम खुशनुमा हो गया है. खेतों में काम कर रहे किसानों को धूप न होने से काफी सहूलियत मिल रही है.
  • कोचाधामन: यहां भी बादलों की घनी परत जमी हुई है. धूप के तेवर ठंडे पड़ने से आम जनजीवन सामान्य रहा और रोजमर्रा के कामकाज में लोगों को गर्मी से परेशानी नहीं उठानी पड़ी.

गर्मी से तो मिली राहत, लेकिन धान की खेती के लिए बारिश की दरकार

भले ही बादलों की वजह से पसीने छुड़ाने वाली गर्मी का अंत हो गया है, लेकिन जिले के किसानों की चिंताएं अभी कम नहीं हुई हैं. खरीफ सीजन के तहत वर्तमान में खेतों को धान की रोपाई और फसलों को जीवित रखने के लिए भारी पानी की जरूरत है. ग्रामीण इलाकों में दिनभर इस बात की चर्चा होती रही कि बादल कब झूमकर बरसेंगे. किसानों की नजरें टकटकी लगाए आसमान की ओर हैं, ताकि मानसून की अच्छी बारिश शुरू हो और कृषि कार्यों को रफ्तार मिल सके.

जिले में बादलों की मौजूदा सक्रियता और पुरवा हवाओं का दबाव यह संकेत दे रहा है कि मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है. यदि बादलों का यह घनत्व इसी तरह बना रहता है, तो अगले 24 से 48 घंटों के भीतर जिले के विभिन्न हिस्सों में अच्छी और मूसलाधार वर्षा होने की प्रबल संभावना बन जाएगी, जो आम लोगों के साथ-साथ खेती-किसानी के लिए बेहद जरूरी है.


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लेखक के बारे में

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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