बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल से आईजीआईएमएस किए गए रेफर, हृदय और जन्मजात बीमारी से हैं पीड़ित
किशनगंज. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जिले में गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है. समय पर जांच, पहचान और उच्च संस्थानों से समन्वय के जरिए बच्चों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है. इसी क्रम में आज आरबीएसके के माध्यम से तीन बच्चों को सदर अस्पताल किशनगंज से आईजीआईएमएस पटना के लिए रवाना किया गया. रेफरल की सुदृढ़ व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे आरबीएसके कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग की जाती है. जांच में गंभीर बीमारी की पुष्टि होने पर उन्हें राज्य के नामचीन चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क इलाज हेतु रेफर किया जाता है. सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर बच्चों को सुरक्षित रूप से पटना भेजा गया. रेफर किए गए बच्चों में अंधवाकोला निवासी आकाश मरांडी (9 माह), पोठिया के माखन पोखर निवासी मोहित आलम (5 वर्ष) और गेवराटोली निवासी इंटरा बेगम (6 वर्ष) शामिल हैं. आकाश होंठ व तालू के कटाव से पीड़ित है, जबकि अन्य दो बच्चे जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित हैं.स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन का समन्वित प्रयास बच्चों के रेफरल की पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के आपसी समन्वय से पूरी की गयी. यात्रा व्यवस्था, दस्तावेज़ी प्रक्रिया एवं परिजनों को मार्गदर्शन देने का कार्य आरबीएसके टीम द्वारा किया गया, जिससे परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बड़े चिकित्सा संस्थान भेजे जाने से परिजनों में संतोष और विश्वास का माहौल देखा गया.
बोले सिविल सर्जन व डीएम
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि गंभीर और जन्मजात रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर रेफर कर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है. वहीं जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. आरबीएसके जैसी योजनाएं गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही हैं. प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि इलाज की पूरी प्रक्रिया में परिजनों को हरसंभव सहयोग मिले.
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