पहाड़कट्टा पोठिया प्रखंड में डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय अर्राबाड़ी में आईसीएआर-पीआरटी टीम का दो दिवसीय निरीक्षण बुधवार को सम्पन्न हुआ. पीआरटी के मुख्य अतिथि डॉ एमजी केरुटागी, निदेशक छात्र कल्याण, उद्यानिकी विज्ञान विश्वविद्यालय, बागलकोट (कर्नाटक) महाविद्यालय पहुंचे थे. जहां उनका स्वागत अधिष्ठाता एवं प्राचार्य डॉ के सत्यनारायण द्वारा संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया. निरीक्षण के प्रथम दिन डॉ केरुटागी ने कक्षाओं, विभिन्न प्रयोगशालाओं, सेरीकल्चर अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम इकाई, बालक एवं बालिका छात्रावास तथा खेल परिसर का भ्रमण किया. उन्होंने छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया तथा छात्रों से शैक्षणिक वातावरण, प्रायोगिक शिक्षण एवं करियर से संबंधित संवाद किया. वही दूसरे दिन टीम ने फार्म एवं अन्य सुविधाओं व्यावहारिक फसल उत्पादन एवं अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम इकाइयां, चाय तथा एचआरसी फार्म का निरीक्षण किया. इस अवसर पर डॉ फेजा अहमद, निदेशक बीज एवं फार्म, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भी उपस्थित थे. महाविद्यालय के स्व-मूल्यांकन प्रतिवेदन पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई, जिसके पश्चात कॉन्फ्रेंस हॉल में संकाय सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा हुई. इसके बाद रिकॉर्ड रूम सहित अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुविधाओं का भी अवलोकन किया गया. डॉ केरुटागी ने महाविद्यालय में संकाय एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, छात्रों के अनुशासन, प्रायोगिक आधारित शिक्षण तथा परिसर की स्वच्छता की सराहना की. उन्होंने प्रयोगशालाओं के अधिक प्रभावी उपयोग, शोध अभिलेखन को सुदृढ़ करने, उद्यमों के विस्तार तथा किसान-उन्मुख विस्तार गतिविधियों को और मजबूत करने का सुझाव दिया. उन्होंने संस्थान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं क्षेत्रीय कृषि विकास की दिशा में निरंतर कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया. महाविद्यालय के पीआरओ डॉ मो शमीम ने बाताया की भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली, भारत सरकार की तरफ से प्रत्येक पाँच वर्ष पर कृषि शिक्षा एवं शोध के मान्यता के लिए भारत सरकार द्वारा निरीक्षण करके प्रमाण पत्र दिया जाता है जो पांच वर्षो के लिए वैध रहता है अभी बिहार कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय का प्रमाण पत्र हेतु टीम ने निरीक्षण किया है.
कृषि महाविद्यालय के निरीक्षण के लिए पहुंची केंद्रीय टीम
महाविद्यालय के स्व-मूल्यांकन प्रतिवेदन पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई,
