टक्कर इतनी भयावह कि दो हिस्सों में बंट गया ट्रेलर, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि टक्कर लगते ही भारी-भरकम ट्रेलर बीच से दो टुकड़ों में पूरी तरह बंट गया. ट्रेलर का पिछला हिस्सा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया, वहीं मजदूरों को ले जा रहा ट्रैक्टर भी इस टक्कर में पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया. हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. सड़क पर चारों ओर वाहनों के टूटे हुए कलपुर्जे और खून के निशान बिखर गए.
स्थानीय लोगों ने बचाई घायल की जान, पुलिस ने बहाल कराया यातायात
दुर्घटना की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय दुकानदार बड़ी संख्या में मौके पर दौड़ पड़े:
- त्वरित रेस्क्यू: स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए मलबे के बीच से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.
- पुलिस की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही कुर्लीकोट थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने सबसे पहले मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. इसके बाद क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर और ट्रैक्टर को बीच सड़क से हटाकर हाईवे पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया. हादसे के कारण एनएच 327 ई पर कुछ समय के लिए वाहनों का परिचालन पूरी तरह बाधित रहा था.
एनएच 327 ई पर रफ्तार का कहर, स्पीड गवर्नर लगाने की उठ रही मांग
इस हृदयविदारक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में एनएचएआई (NHAI) और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि एनएच 327 ई के चौड़ीकरण के बाद से इस मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों (ट्रकों और ट्रेलरों) की रफ्तार बेलगाम हो चुकी है. चालकों की लापरवाही और तेज गति के कारण पिपरीथान चौक और इसके आसपास का इलाका अब डेंजर जोन (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) बनता जा रहा है. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मुख्य मार्ग पर गति नियंत्रण (स्पीड लिमिट) के पुख्ता उपाय किए जाएं, स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पुलिस की नियमित गश्त व निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसे बेकसूर लोगों की जान न जाए.
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:
