ठाकुरगंज नगर पंचायत क्षेत्र में गंदे पानी और सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले अपशिष्ट के वैज्ञानिक उपचार के लिए आधुनिक उपचार प्लांट स्थापित करने की दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है. नगर पंचायत बोर्ड से प्रस्ताव पारित होने के बाद कार्यपालक पदाधिकारी ने चयनित सरकारी भूमि के लिए अंचल अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी करने का अनुरोध किया है.
बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी
नगर पंचायत की ओर से 9 जुलाई 2026 को जारी पत्र के अनुसार, 8 जुलाई को हुई सामान्य बोर्ड बैठक में वार्ड संख्या-12 स्थित सरकारी भूमि पर इस परियोजना के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया. इसके बाद अंचल अधिकारी को एनओसी जारी करने के लिए पत्र भेजा गया.
दस्तावेजों के अनुसार परियोजना के लिए मौजा करनपुर, खाता संख्या-946, खेसरा संख्या-3860, रकबा 2 एकड़ 40 डिसमिल सरकारी भूमि का चयन किया गया है.
वार्ड पार्षद पहले ही दे चुके हैं अनापत्ति
इससे पूर्व 16 जून 2026 को वार्ड संख्या-12 के वार्ड पार्षद ने उक्त भूमि पर परियोजना निर्माण के लिए अपनी अनापत्ति दी थी. पत्र में स्पष्ट किया गया था कि चयनित भूमि पर कोई श्मशान नहीं है और सरकारी योजना के निर्माण पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना शुरू होने के बाद नगर क्षेत्र के नालों के गंदे पानी तथा सेप्टिक टैंकों से निकाले जाने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा. इससे जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने तथा खुले में अपशिष्ट निस्तारण की समस्या कम करने में मदद मिलेगी.
नगर पंचायत के मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल ने कहा कि नगर पंचायत का उद्देश्य ठाकुरगंज को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाना है. उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है.
एनओसी के बाद शुरू होगी आगे की प्रक्रिया
फिलहाल परियोजना की लागत, क्षमता, निर्माण एजेंसी और कार्य अवधि की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है.
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