दिघलबैंक (किशनगंज) से नरेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट,
शुक्रवार को क्षेत्रक मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल रानीडांगा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) टीम द्वारा उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय दोगिरजा में मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) विषय पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.कार्यक्रम का नेतृत्व निरीक्षक पल्लब कुमार दास एवं उनकी टीम ने किया. इस दौरान छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों को मानव तस्करी जैसे गंभीर सामाजिक अपराध के प्रति जागरूक करते हुए इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई.कार्यक्रम में निरीक्षक पल्लब कुमार दास ने उपस्थित विद्यार्थियों को मानव तस्करी के विभिन्न रूपों, इसके कारणों, दुष्परिणामों एवं तस्करों द्वारा अपनाए जाने वाले हथकंडों के बारे में विस्तार से बताया.उन्होंने कहा कि मानव तस्करी एक संगठित अपराध है, जिसमें खासकर महिलाओं, बच्चों एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को झूठे प्रलोभन देकर अवैध गतिविधियों में धकेला जाता है.उन्होंने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को सुरक्षित रोजगार, शिक्षा एवं यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन या सुरक्षा एजेंसियों को दें. कार्यक्रम के दौरान मानव तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधानों, पीड़ितों के अधिकारों तथा सरकार एवं सुरक्षा बलों द्वारा संचालित सहायता एवं पुनर्वास योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई.सामाजिक सहयोग से मानव तस्करी पर लग सकती है रोक
एसएसबी टीम ने लोगों से सामूहिक जागरूकता एवं सतर्कता अपनाने की अपील करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूक एवं सतर्क रहने का संकल्प लिया.इस संबंध में ‘बी’ समवाय दिघलबैंक के सहायक कमांडेंट प्रियरंजन चकमा ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को अपराधियों के झांसे से बचाया जा सके और सुरक्षित समाज का निर्माण हो सके.
