दिघलबैंक (किशनगंज) से नरेंद्र गुप्ता,
भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को एसएसबी की ‘बी’ समवाय सीमा चौकी डोवाटोला एवं नेपाल एपीएफ बीओपी टांगनडुबा के बीच संयुक्त गश्ती अभियान चलाया गया. यह संयुक्त गश्त सीमा स्तंभ संख्या 134/1 से 136 तक की गई, जिसमें दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने सीमा क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया.गश्त के उपरांत सीमा स्तंभ संख्या 136 पर एसएसबी एवं नेपाल एपीएफ के अधिकारियों के बीच संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक में सीमा सुरक्षा, अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई.बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर अवैध तस्करी, मानव तस्करी एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने पर सहमति जताई.साथ ही विदेशी नागरिकों एवं संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं को तत्काल साझा करने का निर्णय लिया गया, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने सीमा क्षेत्र में शांति, कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सतत सक्रिय रहने का भरोसा दिया. असामाजिक एवं देशविरोधी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने तथा सीमावर्ती ग्रामीणों में सुरक्षा एवं जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त अभियान चलाने पर भी सहमति बनी.
बैठक में भारत-नेपाल सीमा पार करने के लिए वैध पहचान पत्रों की अनिवार्यता पर भी जोर दिया गया. निर्णय के अनुसार अब सीमा पार करने हेतु आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, नागरिकता प्रमाण पत्र अथवा अन्य वैध पहचान पत्र आवश्यक होंगे, जबकि बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल आईडी अनिवार्य रहेगा.इसके अतिरिक्त सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए अतिक्रमण को रोकने के लिए संयुक्त निगरानी बढ़ाने तथा सूचना आदान-प्रदान तंत्र को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया गया.बैठक के अंत में दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने सफल संयुक्त गश्त एवं सौहार्दपूर्ण वार्ता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी आपसी सहयोग, समन्वय एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प दोहराया.
इस अवसर पर एसएसबी के सहायक कमांडेंट प्रियरंजन चकमा ने कहा कि सीमा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बल लगातार समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो रही है.