मस्जिदों व कब्रिस्तानों में उमड़ी भीड़, मरहूमों की मगफिरत व मुल्क की सलामती के लिए मांगी गई दुआएं
पहाड़कट्टा. प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार की रात शब-ए-बारात का पर्व पूरी अकीदत व मजहबी रवायत के साथ मनाया गया. रहमतों व बरकतों वाली इस रात में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों और कब्रिस्तानों में विशेष इबादत की. इस अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने रोजा रखा और पूरी रात अल्लाह की बारगाह में सजदा किया.
मस्जिदों व कब्रिस्तानों में रही विशेष रौनक
पर्व को लेकर क्षेत्र की मस्जिदों व कब्रिस्तानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. जायरीनों की सुविधा के लिए कब्रिस्तानों के रास्तों पर रोशनी के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. शाम ढलते ही मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ जुटने लगी. लोगों ने पवित्र कुरान की तिलावत की व नफिल नमाजें अदा कीं. खाड़ीबस्ती के मौलाना मोहम्मद इफ्तेखार आलम ने बताया कि यह रात गुनाहों से तौबा करने और अल्लाह की रहमत पाने का सबसे बड़ा जरिया है.
मरहूमों को किया याद, मांगी मगफिरत
बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों व रिश्तेदारों की कब्रों पर पहुंचे, जो इस दुनिया से रुखसत हो चुके हैं. वहां अगरबत्तियां जलाकर फातिहा पढ़ी गयी. उनके गुनाहों की माफी (मगफिरत) के लिए रो-रोकर दुआएं मांगी गयीं. मान्यता है कि इस मुबारक रात में अल्लाह अपने बंदों के लिए रहमत के दरवाजे खोल देता है और सच्चे दिल से मांगी गई हर जायज दुआ कुबूल होती है. पूरी रात इबादत का सिलसिला चलता रहा व सुबह फज्र की नमाज के बाद अमन-चैन की दुआ के साथ इस मुकद्दर रात का समापन हुआ. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी क्षेत्र में मुस्तैद नजर आया.