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BPSC 70th Final Result: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत किशनगंज जिले के होनहार युवाओं ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है. जिला मुख्यालय के खगड़ा माछमारा इलाके के निवासी सम्राट घोष ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. सम्राट घोष ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास कर ‘राजस्व पदाधिकारी’ (रेवेन्यू ऑफिसर) का पद प्राप्त किया है. उनकी इस ऐतिहासिक कामयाबी से न केवल उनके परिवार का नाम रोशन हुआ है, बल्कि पूरे किशनगंज जिले का मान राज्य स्तर पर बढ़ा है.
माता-पिता का नाम किया रोशन, बचपन से ही रहे मेधावी
सम्राट घोष के पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी प्रारंभिक कड़ियों की जानकारी भी सामने आई है. सम्राट घोष स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक मृत्युंजय घोष एवं सम्पा घोष के सुपुत्र हैं.
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सम्राट बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में काफी गंभीर, अनुशासित और मेधावी छात्र रहे हैं. उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग हब के, अपने घर पर ही कठिन परिश्रम, कड़े अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर इस मुकाम को हासिल किया है.
रिजल्ट आते ही बधाई देने वालों का लगा तांता
जैसे ही बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आधिकारिक परिणाम (Result) घोषित किया गया, वैसे ही खगड़ा इलाके सहित पूरे किशनगंज में खुशी की लहर दौड़ गई. सम्राट के घर पर बधाई देने वाले शुभचिंतकों, रिश्तेदारों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का तांता लग गया.
लोगों ने सम्राट को मिठाई खिलाकर और फूलों का हार पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया. क्षेत्र के लोगों ने इसे किशनगंज के लिए एक अत्यंत गर्व का क्षण बताया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.
सीमांचल के युवाओं के लिए बने रोल मॉडल
“अपनी इस बड़ी सफलता पर बात करते हुए नवनियुक्त राजस्व पदाधिकारी सम्राट घोष ने कहा कि सिविल सेवा में जाने का सपना उन्होंने अपने छात्र जीवन में ही देख लिया था. उन्होंने किशनगंज और सीमांचल के अन्य तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि आपके पास सही रणनीति, अटूट लगन और निरंतर प्रयास (Consistency) करने की क्षमता है, तो देश या राज्य की कोई भी कठिन परीक्षा पास करना नामुमकिन नहीं है.”
BPSC 70th Final Result: जिले में प्रशासनिक सेवा के प्रति बढ़ा क्रेज
सम्राट घोष की यह बड़ी सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि जिले के उन सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों के बीच प्रशासनिक सेवाओं (Administrative Services) में जाने का सपना देख रहे हैं.
शिक्षाविदों का मानना है कि किशनगंज जैसे सुदूर सीमावर्ती जिले से युवाओं का इस तरह बड़े पदों पर चयनित होना आने वाली पीढ़ियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देता रहेगा.
