किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट:
Sameser Panchayat Shamshan Ghat: बहादुरगंज प्रखंड की समेसर पंचायत अंतर्गत तकिया और मिरधानडांगी गांव के ग्रामीण आज भी श्मशान घाट जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं. हालात ऐसे हैं कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के लिए भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है.
समस्या व कारण
भूमि उपलब्ध, लेकिन निर्माण अब तक नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत की ओर से श्मशान घाट के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन अब तक निर्माण के लिए सरकारी राशि स्वीकृत नहीं हुई है. न श्मशान घाट का निर्माण कराया गया और न ही वहां तक पहुंचने के लिए सड़क या रास्ते की व्यवस्था की गई.
झाड़ियों से घिरा परिसर, सांप-बिच्छू का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित श्मशान घाट का पूरा परिसर झाड़ियों और जंगल से घिरा हुआ है. इससे सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है. अंतिम संस्कार के दौरान लकड़ी और अन्य आवश्यक सामग्री वहां तक पहुंचाने में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
सम्मानजनक अंतिम संस्कार की उठी मांग
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता तौक़ीर हुसैन ने कहा कि यह केवल एक बुनियादी सुविधा का मामला नहीं, बल्कि लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार से जुड़ा गंभीर विषय है. उन्होंने जिला पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी से श्मशान घाट का शीघ्र निर्माण कराने, पहुंच पथ बनाने, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण कराने की मांग की.
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे.इस मौके पर सोनू सिन्हा, आदित्य सिन्हा, दीपक मंडल, सौरभ साह, सौरभ सिन्हा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
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