ग्रेड पे बढ़ाने व सुविधाओं की मांग को लेकर राजस्व कर्मचारियों का धरना

ग्रेड पे बढ़ाने व सुविधाओं की मांग को लेकर राजस्व कर्मचारियों का धरना

समझौते लागू नहीं होने से आक्रोश. नौ को पटना में प्रदर्शन व 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

किशनगंज. अपनी लंबित मांगों को लेकर बिहार के राजस्व कर्मचारियों ने राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की दमनकारी नीतियों व पूर्व में हुए समझौतों की अनदेखी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

2025 के समझौते को लागू करने की मांग

धरना स्थल पर संघ के अध्यक्ष व सचिव ने बताया कि वर्ष 2025 में विभाग के साथ हुए समझौते के दौरान 17 सूत्री मांगों को मान लिया गया था. विडंबना यह है कि अब तक उन पर अमल नहीं किया गया है. कर्मचारियों का ग्रेड पे 1900 (लेवल-2) से बढ़ाकर 2800 (लेवल-5) करने की मांग प्रमुख है. संघ का तर्क है कि स्नातक योग्यता होने के कारण इसे 4200 किया जाना चाहिए.

बुनियादी सुविधाओं का अभाव व अतिरिक्त कार्यभार

कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर हो रही कठिनाइयों को उजागर करते हुए कहा कि उन्हें लैपटॉप के अलावा इंटरनेट, कार्यालय, फर्नीचर व प्रिंटर जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलतीं. मजबूरन उन्हें निजी संसाधनों से काम करना पड़ता है. इसके अलावा, एक कर्मचारी पर कई हल्का व पंचायतों का अतिरिक्त बोझ है, जिससे उनके स्वास्थ्य व पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.

प्रमुख मांगें एक नजर में:

2025 के 17 सूत्री समझौते का तत्काल कार्यान्वयन.

नवनियुक्त कर्मियों की गृह जिले में पदस्थापना.

10 वर्ष की सेवा पर वरीयता आधारित पदोन्नति.

एसीपी और एमएसीपी का समय पर लाभ.

सहायक राजस्व पदाधिकारी के पद पर निर्णय लागू करना.

आंदोलन की रूपरेखा : 11 से ठप हो सकता है काम

संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. इसी क्रम में तीन फरवरी को काला बिल्ला लगाकर कार्य किया गया व पांच फरवरी को जिला मुख्यालय पर धरना दिया गया. नौ फरवरी को पटना के गर्दनीबाग में एक दिवसीय धरना व मांगें पूरी नही होने पर 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर विचार नहीं किया, तो होने वाली किसी भी परेशानी की जिम्मेदारी विभाग की होगी. इस आंदोलन के कारण राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका है, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती है.

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लेखक के बारे में

Author: AWADHESH KUMAR

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