पहाड़कट्टा डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय के किसान प्रशिक्षण केंद्र में पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को शुभारंभ किया गया. गोइंग टू स्कूल संस्था द्वारा प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 से 23 दिसंबर तक संचालित होगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के कुल 25 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों को जैविक खेती की आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराना है. प्रशिक्षण के दौरान जीवामृत, बीजामृत, पंचगव्य, वर्मी कम्पोस्ट, जैविक कीट एवं रोग प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा सतत कृषि प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत व्याख्यान एवं व्यवहारिक सत्र आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय डीन सह प्राचार्य के सत्यनारायण ने अपने संबोधन में कहा कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम भी है. जेपी सिंह ने जैविक उत्पादों की बाजार संभावनाओं पर प्रकाश डाला. जबकि प्रशिक्षण प्रभारी ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उपलब्धियों की जानकारी दी.
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