डीजे की तेज आवाज से लोग परेशान, कार्रवाई की मांग

डीजे की तेज आवाज से लोग परेशान, कार्रवाई की मांग

ठाकुरगंज. क्षेत्र में शादी समारोहों के दौरान देर रात तक बजने वाले तेज आवाज वाले डीजे स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बनते जा रहा है. खासकर जिनके घर धर्मशालाओं या अस्पतालों के पास हैं, उन्हें रातभर की तेज आवाज से गंभीर परेशानी हो रही है. मालूम हो कि भारतीय ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत रात 10 बजे के बाद डीजे बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है, लेकिन ठाकुरगंज के कई वैडिंग प्वाइंट्स पर यह नियम नजरअंदाज किया जा रहा है. यहां तक कि रात 12 बजे तक धड़ल्ले से डीजे बजाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों का सिरदर्द बढ़ रहा है. स्थानीय लोगों ने उंची आवाज में डीजे बजाने पर जताया रोष स्थानीय निवासी परमजीत चोधरी, ओम प्रकाश झंवर व अमरजीत चोधरी ने बताया कि डीजे की तेज आवाज से उन्हें भारी परेशानी होती है, खासकर रात में जब लोग आराम करने की कोशिश कर रहे होते हैं. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी वैडिंग प्वाइंट्स पर नियमों की जानकारी बोर्ड पर चस्पा की जानी चाहिए, ताकि आयोजक व मेहमान इससे अवगत रहें. समारोह के दौरान लोग कानून का पालन करें. ध्वनि प्रदूषण का प्रभाव : सामान्य रूप से ध्वनि प्रदूषण का स्तर 55 डेसिबल से अधिक बढ़कर 85 डेसिबल तक हो सकता है, लेकिन डीजे की आवाज 150 डेसिबल तक जा सकती है. डॉक्टर ए के झा ने इस संबंध में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति डीजे के समीप 15-20 मिनट या 100 डेसिबल के स्तर पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक रहता है, तो उसके कानों पर गंभीर असर पड़ सकता है. इससे कानों में झनझनाहट, लगातार सायं-सायं की आवाज आ सकती है. कान की नसों को भी नुकसान हो सकता है. सूचना दें, ठाकुरगंज पुलिस करेगी कार्रवाई : इस मामले में ठाकुरगंज थाना प्रभारी मकसूद अहमद अशरफी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति रात 10 बजे के बाद डीजे बजाते हुए पाया जाता है, तो जनता को तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर सूचना देनी चाहिए. पुलिस मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी. उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही डीजे व धर्मशालाओं के संचालकों के साथ बैठक बुलाई जायेगी, जिसमें नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे. नियमों का पालन कराना हो सुनिश्चित : स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान तब ही संभव है जब डीजे बजाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए. इससे ना केवल ध्वनि प्रदूषण कम होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को शांति मिल सकेगी. स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव कम होगा.

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Author: AWADHESH KUMAR

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