गोवर्धन पूजा को लेकर पशुओं को सजा कर खिलाया पंचामृत

जिले में बुधवार को पशुपालकों के द्वारा पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ गोवर्धन पूजा भक्तिभाव व धूमधाम से मनाई गई

सुपौल जिले में बुधवार को पशुपालकों के द्वारा पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ गोवर्धन पूजा भक्तिभाव व धूमधाम से मनाई गई. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा को याद करते हुए पूजा-अर्चना की. घर-घर में गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिकृति बनाई गई और उसे फूल, दीपक और मिठाइयों से सजाया गया. महिलाएं. व बच्चे पारंपरिक लोकगीत गाकर उत्सव का आनंद उठाते दिखे. इस दौरान पशुपालकों ने अपने पशुधन को नहलाकर कर विधि-विधान से अपने-अपने पशुधन के गले में नई रस्सी, घण्टी, पहनाई और मस्तक और सिंग पर सिंदूर लगाकर सजाया. पशुपालकों ने अपने गौशाला को अच्छी तरीके से साफ सुधरा कर के गोबर से लिपाई भी किया. गौशाला में गोबर से भगवान गोवर्धन की मूर्ति बना कर पूजा अर्चना भी की. पशुपालकों ने अपने पशु को अपने हाथों से दूध, दही, घी, शहद, मिलाकर पंचामृत बना कर पशु को खिलाया. बताया जाता है कि गोवर्धन पूजा के दिन पालतू पशु के पूजा करने से पशुपालकों के घर मे पशुघन में वृद्धि और कृषकों के घर में उन्नति और आर्थिक तंगी दूर होती है. स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि यह पर्व कृषि और पशुपालन से जुड़ा होने के कारण ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह उत्सव प्रकृति, गायों और मेहनतकश किसानों के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक है.

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By RAJEEV KUMAR JHA

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