-स्वस्थ मातृत्व, संतुलित जनसंख्या और सतत विकास की दिशा में ठोस पहल
किशनगंजतेजी से बढ़ती जनसंख्या आज मातृ व शिशु स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संसाधनों पर दबाव बढ़ा रही है. ऐसे में जनसंख्या स्थिरता किसी भी समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास की बुनियाद बन चुकी है. परिवार नियोजन न केवल अनचाही गर्भावस्था को रोकने का माध्यम है, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, बच्चों के बेहतर भविष्य और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अहम भूमिका निभाता है. इसी उद्देश्य से जिले में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा एवं परिवार नियोजन मेला को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है.
ग्राम चौपालों से गांव-गांव पहुंचेगा संदेश
डीडीए सुमन सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में 23 फरवरी से पांच मार्च तक “दंपति संपर्क सप्ताह” तथा छह मार्च से 20 मार्च तक “परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा” आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान योग्य दंपतियों तक परिवार नियोजन की सभी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी पहुंचाने, परामर्श देने और उनकी आवश्यकता के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. प्रखंड स्तर पर ग्राम चौपालों का आयोजन कर योग्य दंपतियों, पंचायत प्रतिनिधियों और समुदाय के प्रमुख लोगों को परिवार नियोजन साधनों के लाभ, उपयोग और भ्रांतियों के समाधान की जानकारी दी जाएगी. उन्होंने बताया कि सिफार, पीएसआई इंडिया संस्थाओं के सहयोग से इन कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाएगा.
परिवार नियोजन अपनाने पर सरकार का प्रोत्साहन
जिला योजना समन्वयक विश्वजीत कुमार ने बताया किजन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ई-रिक्शा (सारथी) के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति के दिशा-निर्देश व रूट चार्ट के अनुसार जिले के प्रत्येक प्रखंड में पांच दिनों तक (एक मार्च से आठ मार्च, होली अवकाश को छोड़कर) प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि शहरी-ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में संदेश समान रूप से पहुंचे.
