पौआखाली की सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर बने 'यमराज', छिटककर गिर रही हैं ईंटें; हादसे की आशंका

Overloaded Tractor Accidents Threat: किशनगंज के पौआखाली में नियमों को ताक पर रखकर क्षमता से दोगुना ईंटें लादकर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली आम राहगीरों के लिए 'चलते-फिरते काल' साबित हो रहे हैं. भीड़भाड़ वाले बाजार और पीडब्ल्यूडी (PWD) मुख्य सड़क पर बिना तिरपाल ढके रेंगते ये वाहन कभी भी किसी निर्दोष की जान ले सकते हैं.

Overloaded Tractor Accidents Threat: पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट: नगर पंचायत पौआखाली और इसके आसपास के स्थानीय बाजारों सहित व्यस्त मुख्य सड़कों पर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का बेखौफ परिचालन आम राहगीरों के लिए यमराज साबित हो रहा है. परिवहन नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर क्षमता से अधिक ईंटें लादकर अंधाधुंध दौड़ रहे ये ट्रैक्टर कभी भी किसी बड़े और भयावह हादसे को दावत दे सकते हैं. ऐसा ही जानलेवा नजारा अक्सर पौआखाली बाजार से होकर गुजरने वाली पीडब्ल्यूडी (PWD) मुख्य सड़क पर रोजाना देखने को मिलता है, जिससे स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों में हमेशा किसी अनहोनी का डर बना रहता है.

घोर लापरवाही का मंजर: बिना जाल या तिरपाल के चलती हैं गाड़ियां, छिटककर गिरती हैं ईंटें

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि इलाके में संचालित विभिन्न ईंट भट्टों (ब्रिक क्लिंस) से निकलने वाले ट्रैक्टरों में क्षमता से दोगुनी ईंटें भर दी जाती हैं. घोर लापरवाही की हद तो तब हो जाती है जब इन ऊंची लदी ईंटों को सुरक्षित रखने के लिए ऊपर से न तो कोई तिरपाल बांधा जाता है और न ही किसी लोहे के जाल से इसे ढका जाता है.

नतीजतन, जब ये ओवरलोड ट्रैक्टर पौआखाली हाट बाजार जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों या गड्ढों से भरी पीडब्ल्यूडी व अन्य ग्रामीण सड़कों से होकर गुजरते हैं, तो तेज झटके लगने के कारण ऊपर की ईंटें छिटककर सीधे चलती सड़क पर आ गिरती हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई बार ट्रैक्टर के ठीक पीछे चल रहे बाइक सवार, साइकिल चालक या पैदल राहगीर इन अचानक गिरती ईंटों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं. चूंकि बाजार क्षेत्र होने के कारण यहाँ हमेशा लोगों की भारी चहल-पहल रहती है, ऐसे में यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है.

संकरी सड़कों पर रेंगते असंतुलित वाहन, हाट के दिन बढ़ जाता है खतरा

पौआखाली में साप्ताहिक हाट (बाजार) के दिनों में स्थिति और भी बदतर और डरावनी हो जाती है. एक तरफ संकरी सड़कों के किनारे दुकानें सजी होती हैं और खरीदारों की भारी भीड़ होती है, तो दूसरी तरफ उसी भीड़ के बीच से रेंगते, हिचकोले खाते और पूरी तरह असंतुलित होते ये ओवरलोड ट्रैक्टर गुजरते हैं. राहगीरों का कहना है कि इन ट्रैक्टरों के चालक अक्सर नाबालिग या अप्रशिक्षित होते हैं, जो तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हैं. पूर्व में भी इसकी वजह से कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन ईंट भट्ठा संचालकों और ट्रैक्टर मालिकों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है.

प्रशासनिक मौन पर उठ रहे गंभीर सवाल, कार्रवाई की पुरजोर मांग

परिवहन और सड़क सुरक्षा नियमों के मुताबिक व्यावसायिक वाहनों में क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है, लेकिन पौआखाली की सड़कों पर यह काला धंधा पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से जारी है.

प्रशासन की इस रहस्यमयी चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पौआखाली क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने जिला अधिकारी (DM), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:

  • सड़कों पर अविलंब सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाए.
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले और बिना तिरपाल ईंट ढोने वाले ट्रैक्टरों को जब्त कर उनपर भारी जुर्माना लगाया जाए.
  • भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में दिन के समय ऐसे भारी लोडिंग वाहनों के प्रवेश पर ‘नो-एंट्री’ लागू की जाए, ताकि किसी मासूम की जान जाने से पहले इस जानलेवा लापरवाही पर लगाम लगाई जा सके.

इसे भी पढ़ें: पूर्वी चंपारण, मधुबनी समेत बिहार के 5 जिलों को मिलेंगे नए पुलिस कप्तान, गृह विभाग का आदेश जारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >