सीमावर्ती इलाके में SSB की बड़ी पहल, बच्चों को पिलाई गई पोलियो की जीवनरक्षक खुराक

National Immunization Day 2026: राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर SSB ने चलाया विशेष अभियान, सैकड़ों अभिभावकों को किया जागरूक.

गलगलिया (किशनगंज)से विवेक चौधरी की रिपोर्ट.

National Immunization Day 2026: सीमावर्ती इलाकों में बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए 41वीं वाहिनी एसएसबी रानीडंगा ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर विशेष पहल की. रविवार को आयोजित पल्स पोलियो शिविर में पांच वर्ष तक के बच्चों को जीवनरक्षक दो बूंदें पिलाई गईं. साथ ही अभिभावकों को नियमित टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया.

सीमावर्ती गांवों में पहुंची स्वास्थ्य सुरक्षा की मुहिम

सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने बच्चों को लेकर पहुंचे. शिविर के दौरान बच्चों को पोलियो रोधी खुराक दी गई और अभिभावकों को बताया गया कि नियमित टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाता है.

कार्यक्रम का शुभारंभ 41वीं वाहिनी के कमांडेंट विकास कुमार ने किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पल्स पोलियो की अतिरिक्त खुराक अवश्य पिलाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी पूरी तरह सुरक्षित रह सके.

डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम ने संभाली कमान

यह स्वास्थ्य शिविर वाहिनी के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं कमांडेंट (चिकित्सा) डॉ. संजय चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया. एसएसबी चिकित्सालय के पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिक्स ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के साथ-साथ अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य और टीकाकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं.

शिविर के दौरान उप-कमांडेंट (दंडपाल) केतन कैलास सालुंके समेत एसएसबी के अन्य अधिकारी, जवान, स्थानीय ग्रामीण और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे.

ग्रामीणों ने की सराहना, बोले- सीमा सुरक्षा के साथ जनसेवा भी

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों और अभिभावकों ने एसएसबी की इस पहल की सराहना की. उनका कहना था कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने कहा कि एसएसबी केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदाय का भरोसा भी मजबूत कर रही है.

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर आयोजित यह पल्स पोलियो शिविर बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ.

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Published by: Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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