कैंसर स्क्रीनिंग जागरूकता कार्यक्रम: समय पर जांच से जीवन बचाने का संदेश

जरूरत है इसके लक्षणों को समझने और समय पर जांच कराने की.

-कैंसर की शुरुआती पहचान ही सबसे प्रभावी बचाव

– आमजन नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या में शामिल करें किशनगंज

तेजी से बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और बढ़ते प्रदूषण के बीच कैंसर आज एक गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहा है. यह ऐसी बीमारी है जो चुपचाप शरीर में विकसित होती है और अधिकांश मामलों में तब सामने आती है जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है. यही कारण है कि समय पर पहचान और नियमित जांच को लेकर जागरूकता फैलाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है. इसी उद्देश्य से आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठाकुरगंज में कैंसर स्क्रीनिंग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और कैंसर की प्रारंभिक जांच कराकर स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की. इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक करना और उन्हें समय रहते जांच के लिए प्रेरित करना है.

समय पर पहचान से संभव है पूर्ण उपचार

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि कैंसर को लेकर समाज में भय और भ्रम दोनों हैं, जबकि सच्चाई यह है कि यदि इसकी पहचान शुरुआती अवस्था में हो जाए तो इसका इलाज पूरी तरह संभव है.उन्होंने कहा कि कैंसर अब लाइलाज बीमारी नहीं है. जरूरत है इसके लक्षणों को समझने और समय पर जांच कराने की. मुंह, स्तन और गर्भाशय कैंसर जैसे कई प्रकार की बीमारियों की प्रारंभिक जांच सरल तरीकों से की जा सकती है. यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी, शरीर में गांठ, असामान्य रक्तस्राव या वजन में अचानक कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.

जीवनशैली में बदलाव से कम हो सकता है खतरा

गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे जिम्मेदार कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बीमारी काफी हद तक हमारी आदतों से जुड़ी हुई है.उन्होंने बताया कि तंबाकू और शराब का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित आहार और पर्यावरणीय प्रदूषण कैंसर के प्रमुख कारण हैं. यदि लोग इन जोखिम कारकों से दूर रहें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार अपनाएं तो कैंसर के खतरे को काफी कम किया जा सकता है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे स्क्रीनिंग कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं.उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की नियमित जांच अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए सरकार द्वारा निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

स्क्रीनिंग के साथ प्रशिक्षण और जनजागरूकता पर जोर

कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अखलाकुर रहमान ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों को कैंसर स्क्रीनिंग की तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अधिक प्रभावी ढंग से लोगों की जांच कर सकें. साथ ही महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की स्वयं जांच की विधि सिखाई गई, जिससे वे अपने स्वास्थ्य की निगरानी स्वयं कर सकें.स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर गांव तक इस प्रकार की सेवाएं पहुंचे और कोई भी व्यक्ति जानकारी के अभाव में इस बीमारी का शिकार न बने.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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