विकास की 'कुर्सी' पर बीमार सिस्टम: कीचड़ भरे रास्ते से चारपाई और कुर्सी के सहारे अस्पताल पहुंच रहे लोग

किशनगंज के कास्त खर्रा गांव में बारिश से सड़कें कीचड़ से लबालब हैं. एक बीमार बुजुर्ग महिला को ग्रामीणों ने कुर्सी पर बैठाकर और बल्लों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया. यह घटना गांव की बदहाल बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती है.

Road Crisis: किशनगंज. लगातार बारिश के बाद टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-5 स्थित कास्त खर्रा गांव की कच्ची सड़क जलमग्न और कीचड़ में तब्दील हो गई है. बदहाल सड़क के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित है. इसी बीच एक बीमार वृद्ध महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को भारी मशक्कत करनी पड़ी. यह घटना गांव में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को उजागर करती है.

कुर्सी पर बैठाकर महिला को पहुंचाया मुख्य सड़क तक

कीचड़ वाली सड़क ही एक जरिया

ग्रामीणों के अनुसार कास्त खर्रा गांव निवासी अलेतून निशा की तबीयत अचानक बिगड़ गई. सड़क पर जलजमाव और घुटनों तक कीचड़ होने के कारण कोई वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका. ऐसे में ग्रामीण तौसीफ आलम और तबरेज आलम ने महिला को कुर्सी पर बैठाकर बल्लों के सहारे सावधानीपूर्वक कीचड़ भरे रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचाया. वहां से टेंपो की व्यवस्था कर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेढ़ागाछ ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

बरसात में हर साल बनती है यही स्थिति

ग्रामीणों ने बताया कि कास्त खर्रा गांव में वर्षों से पक्की सड़क और जल निकासी के लिए नाला निर्माण की मांग की जा रही है. कई बार संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका. हर वर्ष बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों का आवागमन बाधित हो जाता है.

मरीजों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क का सबसे अधिक असर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों पर पड़ता है. आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जबकि बच्चे समय पर विद्यालय नहीं जा पाते. लोगों ने कहा कि बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है.

ग्रामीणों ने डीएम और जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार

Road Crisis: ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक, सांसद, पंचायत प्रतिनिधियों तथा नवपदस्थापित जिलाधिकारी नवीन कुमार से कास्त खर्रा गांव तक शीघ्र पक्की सड़क और नाला निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी गंभीर मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती है.


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लेखक के बारे में

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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