किशनगंज में चार साल में भी नहीं बना एक शौचालय, पौआखाली नगर पंचायत की सबसे बड़ी विफलता पर उठे सवाल

Kishanganj News: नगर पंचायत बनने के चार साल बाद भी पौआखाली बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं. हजारों लोगों की आवाजाही वाले बाजार में महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है. अब स्थानीय लोग प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं.

पौआखाली (किशनगंज) से रणविजय की रिपोर्ट

Kishanganj News: पौआखाली को नगर पंचायत का दर्जा मिले चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के मामले में हालात अब भी ग्रामीण क्षेत्रों जैसे हैं. सबसे बड़ी समस्या सार्वजनिक सुलभ शौचालय की है. रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस महत्वपूर्ण बाजार में आज तक एक भी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है. इससे स्थानीय दुकानदारों, ग्राहकों और खासकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

विकास के दावों के बीच बुनियादी सुविधा गायब

पौआखाली बाजार क्षेत्र व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है. आसपास के दर्जनों गांवों से लोग यहां खरीदारी, व्यवसाय और अन्य जरूरी कामों के लिए पहुंचते हैं. बाजार में घंटों समय बिताने वाले लोगों के लिए शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव अब गंभीर समस्या बन चुका है.

नगर पंचायत बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि बाजार की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, लेकिन चार वर्षों बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास योजनाओं की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन जमीन पर सुविधाएं नहीं दिखतीं.

महिलाओं की परेशानी बनी सबसे बड़ा मुद्दा

सार्वजनिक शौचालय नहीं होने का सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ रहा है. बाजार आने वाली महिलाओं और महिला दुकानदारों को घंटों अपनी प्राकृतिक जरूरतों को रोककर रखना पड़ता है. निजता और सुरक्षित स्थान के अभाव में वे काफी असहज महसूस करती हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल सुविधा का नहीं बल्कि महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है. लंबे समय तक ऐसी परिस्थितियों में रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है.

गंदगी और दुर्गंध से बढ़ रही परेशानी

बाजार क्षेत्र में शौचालय नहीं होने के कारण कई लोग मजबूरी में आसपास की खाली जगहों और गलियों का उपयोग करते हैं. इससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है. स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह स्थिति स्वच्छता अभियान की भावना के भी विपरीत है.

व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि पौआखाली एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है, जहां लक्ष्मी चौक, गुदरी बाजार और रसिया मोड़ से फूलबाड़ी के बीच कम से कम तीन सार्वजनिक शौचालयों की तत्काल आवश्यकता है.

प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग

स्थानीय व्यवसायियों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों ने नगर प्रशासन से बाजार क्षेत्र में आधुनिक सार्वजनिक शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो बाजार की पहचान और सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े होते रहेंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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