किशनगंज में मानसून की धमाकेदार वापसी: अगले 5 दिनों तक सभी 7 प्रखंडों में बारिश का अलर्ट

किशनगंज जिले में मानसून की वापसी हो चुकी है और अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने सभी सात प्रखंडों के लिए अलर्ट जारी किया है. किसानों के लिए यह अच्छी खबर है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की चिंता बढ़ गई है.

किशनगंज जिले में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, सीमांचल के इस सीमावर्ती जिले के सभी सात प्रखंडों में अगले पांच दिनों तक रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की प्रबल संभावना है. इस अच्छी बारिश से जहां धान की खेती करने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं जलभराव वाले शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है.

तापमान और बारिश का पूरा गणित (प्रतिशत में)

शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 27°C रहने का अनुमान है. हालांकि, हवा में अधिक नमी (आर्द्रता) के कारण वास्तविक तापमान 35°C जैसा महसूस होगा. मौसम विभाग के अनुसार:

  • शुक्रवार: दिनभर में लगभग 7.6 मिमी वर्षा होने की उम्मीद है.
  • शनिवार से बुधवार तक का ग्राफ: शनिवार को 80%, रविवार को 65%, सोमवार और मंगलवार को 50-50% तथा बुधवार को एक बार फिर 65% बारिश होने की संभावना जताई गई है.
  • हवा की रफ्तार: पूर्वी दिशा से लगभग 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 72 दर्ज किया गया है, जो संतोषजनक श्रेणी में है.

सभी 7 प्रखंडों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग द्वारा जारी प्रखंडवार समीक्षा के अनुसार, अगले पांच दिनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज कुछ इस तरह रहेगा:

प्रखंड का नाममौसम का हाल और अलर्ट
किशनगंज (मुख्यालय)दिनभर बादल छाए रहेंगे. रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होगी. निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए बाजार आने-जाने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है.
ठाकुरगंजनेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे इस क्षेत्र में सुबह से ही गरज-चमक के साथ बारिश की उम्मीद है. चाय बागानों और धान के लिए यह अमृत है, लेकिन वज्रपात की आशंका भी है.
बहादुरगंजभारी उमस के बीच कई दौर की बारिश हो सकती है. महानंदा और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे गांवों में जलस्तर पर विशेष नजर रखने की हिदायत दी गई है.
टेढ़ागाछनेपाल सीमा से लगे इस प्रखंड में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ेंगी. ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है.
दिघलबैंकअगले पांच दिनों तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे. धान और मक्का उत्पादक किसानों के लिए यह मौसम बेहद अनुकूल रहेगा, हालांकि निचले इलाकों में पानी भर सकता है.
पोठियाहल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है. ग्रामीण इलाकों की कच्ची सड़कों पर कीचड़ बढ़ सकता है, इसलिए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखने की सलाह है.
कोचाधामनबादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा. धान की रोपनी कर रहे किसानों के लिए राहत है, लेकिन आकाशीय बिजली से बचाव जरूरी है.

वज्रपात को लेकर प्रशासन की सख्त अपील, घरों में रहने की सलाह

मानसून के इस रौद्र और सक्रिय रूप को देखते हुए जिला प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है:

अगले पांच दिनों तक पूरे किशनगंज जिले में मानसून का भारी असर बना रहेगा. इसलिए जब भी गरज-चमक या बिजली कड़कने की स्थिति बने, तो खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से तुरंत दूर हट जाएं. मछुआरे और नदी किनारे रहने वाले लोग जलस्तर पर नजर रखें और सुरक्षित स्थानों पर रहें. घर से निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखना न भूलें.


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लेखक के बारे में

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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