जाम के झाम में कराह रहा किशनगंज, धर्मगंज से कैलटैक्स चौक तक राहगीर बेहाल
जाम के झाम में कराह रहा किशनगंज, धर्मगंज से कैलटैक्स चौक तक राहगीर बेहाल
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
रेलवे फाटक खुलते ही बिगड़ते हैं हालात, अतिक्रमण व टोटो चालकों की मनमानी से बढ़ी मुसीबत
किशनगंज. शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली धर्मगंज चौक से कैलटैक्स चौक तक की सड़क इन दिनों आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गयी है. आए दिन लगने वाले भीषण जाम के कारण स्थानीय निवासियों व राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है. स्थिति यह है कि चंद मिनटों का सफर तय करने में लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस निदान नहीं निकल पाया है.
रेलवे फाटक व बढ़ता दबाव
जाम की सबसे भयावह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब रेलवे फाटक खुलता है. फाटक बंद रहने के दौरान जमा हुए वाहनों का रेला एक साथ सड़क पर उतरता है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है. इसके साथ ही सड़क पर यत्र-तत्र खड़े वाहन व टोटो चालकों की मनमानी आग में घी डालने का काम करती है. टोटो चालक सवारी बैठाने के चक्कर में बीच सड़क पर ही वाहन रोक देते हैं, जिससे पीछे लंबी कतारें लग जाती हैं.
अतिक्रमण ने छीनी सड़क की चौड़ाई
जाम की समस्या को और गंभीर बना रहा है सड़कों पर बढ़ता अतिक्रमण. धर्मगंज चौक के पास फेरीवालों व दुकानदारों ने सड़क को अपनी जागीर समझ लिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन पुलिस के जाते ही दुकानदार फिर से सड़क पर कब्जा जमा लेते हैं. फुटपाथ पर दुकान सजने के कारण राहगीरों को मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है, जो दुर्घटनाओं को भी निमंत्रण दे रहा है.
स्थायी समाधान की उठ रही मांग
स्थानीय नागरिकों व वाहन चालकों ने जिला प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है. लोगों का कहना है कि जब तक अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होगी व टोटो परिचालन के लिए रूट चार्ट निर्धारित नहीं किया जाएगा, तब तक जाम से मुक्ति मिलना नामुमकिन है. फिलहाल, इस रूट से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है.