इबादत से पहले एहतियात स्वास्थ्य सुरक्षा बनी पहली शर्त

इस्लाम धर्म का पांचवां स्तंभ मानी जाने वाली हज यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य व सामूहिक उत्तरदायित्व की जीवंत मिसाल है

किशनगंज इस्लाम धर्म का पांचवां स्तंभ मानी जाने वाली हज यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य व सामूहिक उत्तरदायित्व की जीवंत मिसाल है. लाखों श्रद्धालुओं की एक साथ उपस्थिति जहां आस्था की पराकाष्ठा को दर्शाती है, वहीं संक्रमण के जोखिम को भी बढ़ाती है. इसी संवेदनशीलता को समझते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने हज यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. इस वर्ष जिले से कुल 140 हज यात्री पवित्र यात्रा पर जा रहे हैं, जिनकी सुरक्षित और स्वस्थ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया.

सदर अस्पताल में विशेष टीकाकरण शिविर

हज यात्रा से पूर्व अनिवार्य स्वास्थ्य मानकों के तहत सदर अस्पताल किशनगंज परिसर में विशेष टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर में अब तक 80 हज यात्रियों को मैनिंजाइटिस और पोलियो के टीके लगाए गए. अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अनवर आलम ने बताया कि हज के दौरान अत्यधिक भीड़ में संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है. शिविर के दौरान सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार तथा महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शबनम यास्मीन सहित कई स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे. टीकाकरण उपरांत यात्रियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए, जो हज यात्रा की अनिवार्य शर्त है.

वरिष्ठ हज यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा: इन्फ्लूएंजा टीकाकरण

सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अनवर हुसैन ने बताया कि 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के हज यात्रियों को इन्फ्लूएंजा (फ्लू) का टीका भी लगाया. इसका उद्देश्य उम्रजनित कमजोर प्रतिरक्षा वाले यात्रियों को श्वसन संक्रमण से बचाना है, जो भीड़भाड़ और मौसम परिवर्तन के दौरान तेजी से फैल सकता है. यह पहल जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संवेदनशील और वैज्ञानिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण को दर्शाती है.

क्यों आवश्यक हैं मैनिंजाइटिस, पोलियो और इन्फ्लूएंजा के टीके

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार ने बताया कि मैनिंजाइटिस भीड़-भाड़ वाले स्थानों में तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जो मस्तिष्क ज्वर जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. पोलियो से बचाव अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के तहत अनिवार्य है, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए. वहीं इन्फ्लूएंजा बुजुर्गों में गंभीर जटिलताएं उत्पन्न कर सकता है. इसी कारण हज कमेटी एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह टीकाकरण अनिवार्य किया गया है.

टीकाकरण: यात्री ही नहीं, समाज भी रहता है सुरक्षित

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि हज यात्रियों का टीकाकरण केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है. यह उनके परिवार, समुदाय और समाज को भी संभावित संक्रमण से बचाने का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने बताया कि प्राप्त सूची के अनुसार 140 यात्रियों का टीकाकरण लक्ष्य है, जिनमें से अब तक 80 लोगों को टीका लगाया जा चुका है. शेष यात्रियों का टीकाकरण शीघ्र पूर्ण कर प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे.

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Published by: Sharath tripathi

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