ठाकुरगंज. सूरजापुरी विकास मोर्चा के अध्यक्ष भाई ताराचंद ने क्षेत्रीय सांसद डॉ. जावेद आजाद के संस्कृत संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि यदि सांसद के वक्तव्य से संस्कृत भाषा और उससे जुड़े लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. भाई ताराचंद ने कहा कि संस्कृत भारत की प्राचीन शास्त्रीय भाषा है और भारतीय ज्ञान, दर्शन तथा अनेक धार्मिक एवं साहित्यिक ग्रंथों की भाषा रही है. उन्होंने कहा कि देश की अधिकांश भाषाओं और बोलियों पर संस्कृत का प्रभाव रहा है. उन्होंने कहा कि सांसद को भाषाई बहस से आगे बढ़कर अपने संसदीय क्षेत्र के मूल मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने सूरजापुरी मुस्लिम बिरादरी के आरक्षण, भूमिहीन परिवारों को भूमि वितरण, लाल कार्ड, भूदान, सेहरात, नदी के छार तथा सीमा क्षेत्र के नो-मैन्स-लैंड की भूमि के उपयोग जैसे विषयों पर सांसद से जवाब मांगा. भाई ताराचंद ने कहा कि जिले में हजारों एकड़ ऐसी भूमि है, जिसका लाभ पात्र सूरजापुरी हिंदू, मुसलमान, दलित और आदिवासी परिवारों तक पहुंचाया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर अपेक्षित पहल नहीं हो सकी है, जबकि जनता लंबे समय से समाधान की प्रतीक्षा कर रही है.
डॉ. जावेद आजाद संस्कृत पर दिए बयान के लिए मांगें माफी : भाई ताराचंद
सूरजापुरी विकास मोर्चा के अध्यक्ष भाई ताराचंद ने सांसद डॉ. जावेद आजाद के संस्कृत संबंधी बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है।

सूरजपुरी बिकास मोर्चा अध्यक्ष भाई ताराचंद | Prabhat Khabar Network