ठाकुरगंज में 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंजा आसमान: उमस और धूप के बीच श्रद्धा से खींचा गया महाप्रभु का रथ

ठाकुरगंज में जगन्नाथ रथयात्रा का उत्सव उमस और कड़ी धूप के बीच भी श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ. भक्तों ने 'जय जगन्नाथ' के नारे लगाते हुए महाप्रभु के रथ को खींचा और पुष्प वर्षा कर अपना स्नेह व्यक्त किया. यह परंपरा दशकों से निभाई जा रही है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है.

सुबह 11:00 बजे जगन्नाथ मंदिर में मुख्य महाआरती के बाद भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को आकर्षक ढंग से सजाए गए रथ पर विराजमान कराया गया. इसके बाद "जय जगन्नाथ" और "हरे कृष्णा" के गगनभेदी जयघोष के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रथ की पवित्र रस्सी थामकर नगर भ्रमण यात्रा का शुभारंभ किया.

कड़क धूप और उमस भी नहीं डिगा सकी आस्था, भक्तों ने की पुष्पवर्षा

मौसम में भारी उमस और तीखी धूप होने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी. यात्रा नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी और देर शाम पुनः जगन्नाथ मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई. रथ की रस्सी खींचने और महाप्रभु के रथ को स्पर्श करने के लिए युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में होड़ मची रही. पूरे यात्रा मार्ग में स्थानीय गृहणियों ने छतों से रथ पर पुष्पवर्षा की और आरती उतारकर भगवान का स्वागत किया. जगह-जगह सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा स्वागत शिविर लगाकर श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, शर्बत और महाप्रसाद की मुकम्मल व्यवस्था की गई थी.

जगन्नाथपुरी की तर्ज पर दशकों से निभाई जा रही है परंपरा

इस ऐतिहासिक आयोजन के महत्व और इतिहास को लेकर मंदिर के पुजारियों और आयोजकों ने विशेष जानकारियां साझा कीं:

  • वर्ष में एक बार नगर भ्रमण: मंदिर के मुख्य पुजारी बैकुंठ झा और उदयकांत झा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथपुरी की सनातन परंपरा के अनुसार, वर्ष में केवल एक बार महाप्रभु जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ गर्भगृह से बाहर आकर भक्तों को साक्षात दर्शन देते हैं.
  • सीमित स्वरूप से बना भव्य उत्सव: आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य कृष्णा केजड़ीवाल ने बताया कि ठाकुरगंज में यह परंपरा कई दशकों से अनवरत निभाई जा रही है. शुरुआती वर्षों में इसका स्वरूप काफी छोटा था, लेकिन समय के साथ आम जनता की बढ़ती भागीदारी ने इसे आज नगर के सबसे बड़े धार्मिक महोत्सव में बदल दिया है.

सुरक्षा व्यवस्था रही अभेद्य, प्रशासनिक सतर्कता से शांतिपूर्ण संपन्न हुई यात्रा

हजारों की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरे मार्ग पर पूरी तरह मुस्तैद रहा. संवेदनशील मोड़ों और चौराहों पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी, ताकि यातायात प्रभावित न हो. इसके साथ ही ठाकुरगंज नगर पंचायत की ओर से यात्रा मार्ग में विशेष साफ-सफाई, चूना-ब्लीचिंग का छिड़काव और पेयजल की मुस्तैद व्यवस्था की गई थी, जिसके कारण पूरी रथयात्रा शांतिपूर्ण और बेहद अनुशासित ढंग से संपन्न हुई.

सीमांचल के कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक चेहरे हुए शामिल

महाप्रभु के इस रथोत्सव में क्षेत्र के कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक चेहरे एक साथ नजर आए.

"ठाकुरगंज की यह रथयात्रा हमारी सांस्कृतिक एकता और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है. महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना है कि वे पूरे सीमांचल में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद बनाए रखें." — सिकंदर पटेल, मुख्य पार्षद, नगर पंचायत ठाकुरगंज

इस पावन अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व मुख्य पार्षद प्रमोद राज चौधरी, घनश्याम गाडोदिया, गोविंद केजड़ीवाल, लक्ष्मण अग्रवाल, स्वरूप गांगुली, अमित राज यादव, वार्ड पार्षद अमित सिन्हा, प्रतिनिधि प्रदीप साह, मनोज चौधरी, राजेश करनानी सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु और संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे.


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लेखक के बारे में

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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