एनआइए की दबिश :
गोपनीयता का आलम: सदर थाना में जहां पूछताछ हो रही है, वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता; स्थानीय पुलिस भी जांच की अवधि से अनजान.किशनगंज. प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) का शिकंजा सीमांचल में कसता जा रहा है. रविवार को लगातार तीसरे दिन एनआइए की टीम ने किशनगंज सदर थाना में डेरा डाले रखा और एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से सघन पूछताछ की. जांच का दायरा अब किशनगंज से निकलकर पड़ोसी जिलों तक फैल गया है, जिसके तहत रविवार को कटिहार जिले के एक व्यक्ति को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया.
हर दिन बढ़ रहा है पूछताछ का दायरा
शुक्रवार से शुरू हुई इस कार्रवाई में एनआइए की सक्रियता हर बीतते घंटे के साथ बढ़ रही है. पहले दिन जहां महज दो लोगों से पूछताछ हुई थी, वहीं शनिवार को आधा दर्जन से अधिक लोग रडार पर आए. रविवार सुबह से ही पूछताछ का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा. सूत्रों की मानें तो टीम हर दिन नए-नए लोगों को बुला रही है, जिससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस भी बेखबर
सदर थाना में चल रही इस पूछताछ को लेकर सुरक्षा और गोपनीयता का स्तर इतना ऊंचा है कि वहां किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है. स्थानीय पुलिस के अधिकारी और कर्मी भी इस पूरी प्रक्रिया से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं. एनआइए के अधिकारी जांच की समय-सीमा या प्रगति को लेकर मीडिया से कुछ भी साझा करने से बच रहे हैं.
महबूब नदवी की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा फोकस
जानकारों के मुताबिक, सितंबर 2025 में पीएफआइ के पूर्व बिहार प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम उर्फ महबूब नदवी की गिरफ्तारी के बाद से ही सीमांचल क्षेत्र एनआइए के रडार पर है. नदवी से मिली लीड के आधार पर ही टीम अब कड़ियों को जोड़ रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस लंबी पूछताछ के बाद संगठन के नेटवर्क को लेकर कोई बड़ा खुलासा हो सकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
