दिघलबैंक. नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, किशनगंज की ओर से सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में जनहित व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया. इसी क्रम में एफ समवाय दिघलबैंक के कार्यक्षेत्र अंतर्गत वाइब्रेंट विलेज टप्पू में आयोजित 15 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ. कार्यक्रम का नेतृत्व पवन कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी, 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने किया. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम की विभिन्न किस्मों, बीज (स्पॉन) की तैयारी, उत्पादन की आधुनिक विधि, रख-रखाव, रोग नियंत्रण तथा विपणन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण में स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे आय बढ़ाने का एक बेहतर विकल्प बताया. समापन के अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 25 ग्रामीणों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. मशरूम उत्पादन प्रारंभ करने के लिए मशरूम बीज (स्पॉन) का भी वितरण किया गया. मौके पर अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीखी गयी तकनीकों को व्यवहार में उतारने और इसे आजीविका का साधन बनाने की अपील की. एसएसबी के इस तरह के नागरिक कल्याण कार्यक्रमों से सीमावर्ती क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है और ग्रामीणों के बीच सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास एवं सहयोग की भावना मजबूत हो रही है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
