किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की धनगढ़ा पंचायत के वार्ड संख्या-14 में सड़क की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है. गांव में पक्की सड़क नहीं होने के कारण एक दूल्हे की बारात को कीचड़ और जलभराव से भरे कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ा. दूल्हा मोटरसाइकिल पर सवार होकर ससुराल पहुंचा, जबकि अधिकांश बारातियों को पैदल कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा. इस दृश्य ने ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को उजागर कर दिया.
बरसात में गांव का संपर्क मार्ग बन जाता है दलदल
ग्रामीणों के अनुसार बारिश शुरू होते ही वार्ड संख्या-14 का संपर्क मार्ग पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है. ऐसे में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर सांसद, विधायक और जिला प्रशासन को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.
स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को होती है, जिन्हें प्रतिदिन इसी रास्ते से विद्यालय जाना पड़ता है. कई बच्चे खराब रास्ते के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाते. वहीं किसी के बीमार होने पर एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती. मरीजों को खाट या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी की आशंका बनी रहती है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिल सके.
