30 वर्ष के बाद नियमित कराये मधुमेह की जांच: सीएस

देर रात तक जगना, अनियमित खान-पान, तनाव व शारीरिक गतिविधियों में कमी मधुमेय के प्रमुख कारण

देर रात तक जगना, अनियमित खान-पान, तनाव व शारीरिक गतिविधियों में कमी मधुमेय के प्रमुख कारण

-मधुमेह एक गंभीर और बढ़ता हुआ खतरा किशनगंज

मधुमेह आज तेजी से बढ़ने वाली जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में प्रमुख है. यह शरीर में इंसुलिन के निर्माण या उपयोग को प्रभावित करता है, जिससे रक्त में शुगर का स्तर बढ़ता जाता है. अनियंत्रित मधुमेह हृदय रोग, किडनी फेल्योर, स्ट्रोक, आंखों की रोशनी कम होना, नसों की क्षति और कई गंभीर जटिलताओं को जन्म देता है.

डॉक्टरों का कहना है कि समय पर जांच, नियमित उपचार और परहेज व जीवनशैली में सुधार ही मधुमेह को नियंत्रण में रखने का सबसे प्रभावी उपाय है. सदर अस्पताल परिसर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने मधुमेह जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. रैली में स्वास्थ्यकर्मियों, एनसीडी टीम, नर्सिंग स्टाफ, आशा–एएनएम और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए. रैली का उद्देश्य मधुमेह से बचाव के सरल उपायों को जन-जन तक पहुंचाना था.

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि इस वर्ष की थीम मधुमेह के शुरुआती पहचान पर केंद्रित है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमेह के शुरुआती चरण में लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए नियमित जांच अनिवार्य है.

थीम का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि अगर आप समय पर जांच करा लेते हैं, तो बीमारी को गंभीर रूप लेने से पहले ही नियंत्रित किया जा सकता है.

जिले में विश्व मधुमेह दिवस 2025 के अवसर पर 14 से 21 नवंबर तक विशेष जागरूकता सप्ताह की शुरुआत की गई है. इस अवधि में जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी, एचडब्लूसी और सदर अस्पताल में निःशुल्क डाइबिटीज जांच, परामर्श, जीवनशैली सुधार प्रशिक्षण और रैली व प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है.

समय पर जांच और अनुशासित जीवनशैली, सबसे बड़ा बचाव

डॉ चौधरी ने कहा कि मधुमेह धीमे-धीमे शरीर को प्रभावित करने वाली बीमारी है. इसकी सबसे बड़ी रोकथाम समय पर जांच और जीवनशैली में सुधार है. 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए. अनुशासित खानपान, रोजाना वॉक और मीठे पेय पदार्थों से दूरी रखने पर मधुमेह को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने सप्ताहभर चल रहे सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों को शामिल होने की अपील की.

गलत खानपान और बदलती जीवनशैली से बढ़ रहे हैं मामले

जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डॉ उर्मिला कुमारी ने कहा कि फास्ट फूड, देर रात तक जागना, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी मधुमेह के प्रमुख कारण हैं. युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, इसलिए स्क्रीन टाइम कम करना और शारीरिक गतिविधि बढ़ाना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान लोगों को संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और शुगर परीक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >