पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से बिहार में दाखिल होने वाले वाहनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सीमा बिंदु गलगलिया चेकपोस्ट (ठाकुरगंज, किशनगंज) पर अब जिला प्रशासन ने पूर्ण चौकसी का शिकंजा कस दिया है. निर्माण सामग्री (गिट्टी-बालू) की आड़ में बड़े पैमाने पर चल रहे फर्जी जीएसटी बिल और जाली माइनिंग चालान के खेल पर नकेल कसने के साथ-साथ ब्राउन शुगर, स्मैक, मवेशी, कोयला, लकड़ी और सोना-चांदी जैसी प्रतिबंधित वस्तुओं की अवैध तस्करी रोकने के लिए रणनीति तय कर दी गई है. ठाकुरगंज प्रखंड सभागार में जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने चेकपोस्ट पर तैनात सभी दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट) और पुलिस पदाधिकारियों के साथ संयुक्त ब्रीफिंग कर स्पष्ट कर दिया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों पर सीधी विभागीय व कानूनी कार्रवाई होगी.
पांच विभागों का संयुक्त इंटर-डिपार्टमेंटल एक्शन
गलगलिया चेकपोस्ट पर अब सिर्फ पुलिस की बैरिकेडिंग नहीं होगी, बल्कि कई विभाग एक साथ मोर्चा संभालेंगे:
- खनन एवं वाणिज्य कर (GST): जिला खनन पदाधिकारी ने बैठक में बिहार के बाहर से आने वाले बालू और गिट्टी लदे ओवरलोड व संदिग्ध ट्रकों की जांच के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) समझाई. बिना ई-चालान या फर्जी क्यूआर कोड वाले वाहनों को तुरंत जब्त किया जाएगा.
- परिवहन व उत्पाद विभाग: जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और उत्पाद अधीक्षक ने वाहनों के निबंधन कागजात, फिटनेस, परमिट और गुप्त तहखानों में शराब या नशीले पदार्थों की छिपाकर की जाने वाली तस्करी पकड़ने के लिए तकनीक आधारित चेकिंग के निर्देश दिए.
- आपसी समन्वय: खनन, परिवहन, GST, मद्यनिषेध (उत्पाद) और पुलिस विभाग चौबीसों घंटे रोटेशन में तैनात रहकर एक-दूसरे के साथ रियल-टाइम डेटा साझा करेंगे.
चेकपोस्ट पर जांच के मुख्य बिंदु और प्रशासनिक मानक
| जांच का क्षेत्र (Inspection Domain) | तलाशी व जांच का मुख्य फोकस (Focus & Directives) |
| अवैध खनन व सामग्री | गिट्टी-बालू के ई-चालान, माइनिंग परमिट और ओवरलोडिंग की जांच |
| राजस्व चोरी (GST Fraud) | वाणिज्यिक मालवाहक ट्रकों के ई-वे बिल और फर्जी बिलिंग नेटवर्क का सत्यापन |
| मादक पदार्थ व नशा | सिंडिकेट द्वारा ब्राउन शुगर, स्मैक, नशीली दवाएं व शराब की तस्करी पर रोक |
| अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं | मवेशी तस्करी, अवैध लकड़ी, कोयला, और बिना कागजात के सोना-चांदी की जब्ती |
| प्रशासनिक जवाबदेही | ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट व पुलिसकर्मियों की बायोमेट्रिक/उपस्थिति और औचक निरीक्षण |
लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस, संदिग्ध मिलते ही तुरंत जब्ती
डीएम नवीन कुमार और एसपी संतोष कुमार ने तैनात कर्मियों को निर्देश दिया कि वे कागजातों की सूक्ष्मता से जांच करें:
- तत्काल सूचना प्रणाली: किसी भी वाहन के दस्तावेज, वजन पर्ची या चालान में विसंगति मिलते ही संबंधित विभाग के नोडल पदाधिकारी को फौरन सूचित कर वाहन को थाना अथवा सुरक्षित यार्ड में सुपुर्द किया जाएगा.
- वरिष्ठ अधिकारियों का जमावड़ा: संयुक्त ब्रीफिंग में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक (SDPO) सहित सीमावर्ती थानों के थानाध्यक्ष मौजूद रहे.
