ठाकुरगंज में किसान रजिस्ट्रेशन अभियान तेज; अंचलाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

Farmer Registration: सरकारी कृषि योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ रैयतों तक पहुंचाने के लिए ठाकुरगंज प्रखंड में किसान निबंधन (पंजीकरण) का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. बुधवार को स्थानीय अंचलाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से विभिन्न पंचायतों का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया और कर्मियों को कई जरूरी निर्देश दिए.

Farmer Registration: ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों राज्य सरकार के निर्देश पर किसानों के ऑनलाइन डिजिटल रजिस्ट्रेशन (फार्मर रजिस्ट्री) का कार्य बेहद तीव्र गति से चल रहा है. बुधवार को ठाकुरगंज के अंचलाधिकारी (CO) मृत्युंजय कुमार एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) अनुज कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से विभिन्न पंचायतों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में संचालित किसान निबंधन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने न केवल व्यवस्था की जमीनी हकीकत जांची, बल्कि केंद्र पर कतारों में खड़े किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को भी सुना.

योजनाओं का सीधा लाभ पाने के लिए डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य: CO

निरीक्षण के दौरान अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने उपस्थित किसानों और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की किसी भी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) या सब्सिडी आधारित कृषि योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन किसान रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य और प्राथमिक अर्हता बन चुका है. उन्होंने निबंधन कार्य में लगे डेटा एंट्री ऑपरेटरों और राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया कि वे वृद्ध और कम पढ़े-लिखे किसानों को प्राथमिकता दें और उनके फॉर्म को त्रुटिहीन तरीके से पोर्टल पर अपलोड करें.

रजिस्टर्ड किसानों को ही मिलेगा बीज, डीजल और फसल सहायता का अनुदान: BAO

प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनुज कुमार शर्मा ने मौके पर मौजूद किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी सीएससी (CSC) या पंचायत भवन स्थित काउंटर पर जाकर अपना पंजीकरण अवश्य करा लें.

उन्होंने निबंधन के मुख्य लाभ गिनाते हुए बताया कि पंजीकृत किसानों को ही आगामी मौसम में:

  • रियायती दरों पर बीज अनुदान का लाभ मिलेगा.
  • आधुनिक कृषि यंत्रों (इक्विपमेंट) पर मिलने वाली भारी सब्सिडी का फायदा मिलेगा.
  • डीजल अनुदान और बाढ़ या सुखाड़ की स्थिति में बिहार राज्य फसल सहायता योजना (कृषि इनपुट सब्सिडी) की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी.

केंद्रों पर उमड़ी भारी भीड़, कृषि विभाग से संपर्क करने की सलाह

अधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण के दौरान निबंधन केंद्रों पर काफी उत्साहजनक माहौल देखा गया, जहां किसान सुबह से ही अपने भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (एलपीसी/रसीद), बैंक पासबुक और पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ कतारों में खड़े नजर आए. अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि सर्वर की समस्या को दूर करने के लिए तकनीकी टीम काम कर रही है. उन्होंने हिदायत दी कि यदि किसी किसान को ऑनलाइन फॉर्म भरने में कोई परेशानी या अवैध वसूली की शिकायत आती है, तो वे सीधे प्रखंड कृषि कार्यालय या किसान सलाहकारों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

इस विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान स्थानीय पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, संबंधित क्षेत्रों के किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक और कृषि विभाग के कई अन्य मैदानी कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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