परिवार नियोजन से सशक्त होगा समाज

परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का साधन नहीं बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और खुशहाल समाज की बुनियाद है.

किशनगंज

परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का साधन नहीं बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और खुशहाल समाज की बुनियाद है. मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी, महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और आर्थिक-सामाजिक स्थिरता के लिए परिवार नियोजन अपनाना अनिवार्य है. इसी उद्देश्य से परिवार नियोजन पखवाड़ा-2025 का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पूरे जिले में किया जा रहा है. वहीं परिवार नियोजन पखवाड़ा की सफलता सुनिश्चित करने के लिए परिवार नियोजन पखवाड़ा का शुभारंभ हुआ.

इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस दौरान एएनएम, आशा कार्यकर्ता सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित थे. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि परिवार नियोजन से मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आती है. हर दंपत्ति को चाहिए कि वे बच्चों के बीच उचित अंतराल रखें और स्वास्थ्यकर्मियों से परामर्श लेकर परिवार नियोजन साधनों का चुनाव करें.

कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने परिवार नियोजन के विभिन्न साधनो गर्भनिरोधक गोलियाँ, कंडोम, अंतरा इंजेक्शन, अंतरा आईयूडी और नसबंदी के बारे में विस्तार से जानकारी दी. आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम ने पखवाड़ा के दौरान घर-घर जाकर परामर्श देने और साधन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया. स्थानीय लाभार्थी महिला ने कहा कि पहले हमें सही जानकारी नहीं थी, लेकिन अब स्वास्थ्यकर्मी विस्तार से बताते हैं. बच्चों के बीच अंतराल रखने के फायदे हमें समझ में आने लगे हैं.

अभियान की खासियत है कि इस बार एफपीएलएमआईएस के जरिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर साधनों की आपूर्ति पर नजर रखी जाएगी. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी सीएचसी या पीएचसी में साधनों की कमी न हो.

परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है. पुरुषों को भी आगे आकर इसे अपनाना चाहिए, तभी समाज वास्तव में प्रगतिशील और खुशहाल बनेगा. प्रभारी सिविल सर्जन डॉ उर्मिला कुमारी ने बताया कि सीएचसी पोठिया के भव्य उद्घाटन के साथ जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा-2025 की शुरुआत एक मजबूत आधार पर हुई है. अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और सहयोगी संस्थाओं की भागीदारी से यह उम्मीद की जा रही है कि इस बार का अभियान लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएगा. परिवार नियोजन साधनों की आसान उपलब्धता और एफपीएलएमआईएस जैसी डिजिटल व्यवस्था से पखवाड़ा ज्यादा प्रभावी सिद्ध होगा और समाज एक स्वस्थ भविष्य की ओर कदम बढ़ाएगा.

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By AWADHESH KUMAR

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