किशनगंज : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चकला, किशनगंज में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु शिक्षकों को घटिया भोजन दिए जाने की शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है. मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी नवीन कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन को तत्काल डायट चकला पहुंचकर पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया.
निर्धारित मेनू के पालन पर उठे सवाल
डायट चकला में प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है. आरोप है कि संबंधित वेंडर की ओर से निर्धारित मेनू का पालन नहीं किया जा रहा था और मनमाने तरीके से भोजन परोसा जा रहा था. भोजन की गुणवत्ता को लेकर प्रशिक्षु शिक्षकों में नाराजगी की स्थिति बन गयी थी.
शिकायत प्रशासन तक पहुंचने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांच के लिए भेजा.
प्रशिक्षुओं से ली भोजन व्यवस्था की जानकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन ने डायट चकला पहुंचकर प्रशिक्षु शिक्षकों से भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेनू के संबंध में जानकारी ली. उन्होंने भोजन तैयार करने और उपलब्ध कराने की व्यवस्था का भी जायजा लिया. साथ ही वेंडर की ओर से उपलब्ध कराये जा रहे खाद्य पदार्थों और मेनू के अनुपालन की स्थिति की जानकारी ली.
जांच के दौरान संबंधित कर्मियों और वेंडर से भी पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटायी गयी.
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
प्रशिक्षु शिक्षकों का कहना है कि प्रशिक्षण संस्थान में निर्धारित राशि और मेनू के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए. उनका कहना है कि भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही होने से प्रशिक्षणार्थियों को परेशानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है.
माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की पहल के बाद प्रशिक्षु शिक्षकों को उम्मीद है कि अब उन्हें निर्धारित मेनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.
भोजन व्यवस्था की निगरानी पर जोर
प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए भोजन की व्यवस्था उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे में निर्धारित मानकों और मेनू का पालन सुनिश्चित करना संबंधित संस्था और एजेंसी की जिम्मेदारी है. डायट चकला में सामने आयी शिकायत ने भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जिलाधिकारी के निर्देश पर शुरू हुई जांच के बाद अब जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर नजर है. प्रशासन की कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षुओं को मिलने वाली सुविधाओं में लापरवाही या मनमानी को गंभीरता से लिया जाएगा.
