ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Development Plan: भारत-नेपाल और बिहार-बंगाल की अंतरराष्ट्रीय व अंतर्राज्यीय सीमाओं से सटे किशनगंज जिले के अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक क्षेत्र ठाकुरगंज के विकास की मांग अब परवान चढ़ने लगी है. वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे इस सीमावर्ती इलाके की आवाज अब सीधे पटना में मुख्यमंत्री सचिवालय तक गूंज उठी है. भाजपा के कद्दावर नेता अमित सिन्हा एवं भाजपा जिला प्रवक्ता कोशल किशोर यादव ने सामूहिक प्राथमिकताओं के आधार पर बिहार के मुख्यमंत्री को अलग-अलग विस्तृत ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की ज्वलंत बुनियादी समस्याओं के समाधान और बड़ी विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की पुरजोर वकालत की है.
आरओबी, मेडिकल कॉलेज और ठाकुरगंज को अनुमंडल बनाने की प्रमुख मांगें
नेताओं द्वारा सौंपे गए इस मांग पत्र में ठाकुरगंज की उन दीर्घकालिक समस्याओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिसके लिए स्थानीय जनता दशकों से संघर्ष कर रही है. सौंपे गए मुख्य ज्ञापनों में निम्नलिखित बुनियादी मांगें शीर्ष पर हैं:
- ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण: ठाकुरगंज रेलवे फाटक पर आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए तत्काल रोड ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी जाए.
- उच्च शिक्षा के बड़े संस्थान: युवाओं के पलायन को रोकने के लिए क्षेत्र में एक राजकीय मेडिकल कॉलेज, सरकारी डिग्री कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जाए.
- स्वास्थ्य व सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण: स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को अपग्रेड कर पूर्ण अस्पताल का दर्जा दिया जाए और बढ़ते डिजिटल अपराधों पर लगाम कसने के लिए एक विशेष साइबर थाना खोला जाए.
- अनुमंडल का दर्जा: प्रशासनिक सुगमता के लिए ठाकुरगंज को अविलंब अनुमंडल घोषित किया जाए.
“पाइनएप्पल सिटी ऑफ बिहार” और “शिव सर्किट” से बदलेगी तस्वीर
भाजपा जिला प्रवक्ता कोशल किशोर यादव द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कृषि-पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बेहद रचनात्मक और दूरगामी सुझाव दिए गए हैं, जो पूरे सीमांचल की अर्थव्यवस्था को बदल सकते हैं:
- कृषि क्रांति: ठाकुरगंज और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर होने वाली अनानास की उन्नत खेती को देखते हुए इसे आधिकारिक तौर पर “पाइनएप्पल सिटी ऑफ बिहार” के रूप में विकसित किया जाए, जिससे स्थानीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सके.
- धार्मिक पर्यटन: क्षेत्र की अटूट आस्था के केंद्र ऐतिहासिक श्री हरगौरी बाबा नाथ मंदिर को बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के “शिव सर्किट” में शामिल कर इसका भव्य सुंदरीकरण किया जाए.
- नदी का जीर्णोद्धार व फोरलेन: बाढ़ और जलजमाव की समस्या से स्थाई निजात के लिए बूढ़ी डोंगी नदी का वैज्ञानिक चौड़ीकरण कर उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा मुख्य संपर्क मार्ग को फोरलेन (4-Lane) में तब्दील किया जाए.
- पावर ग्रिड व सुरक्षा बल: दिघलबैंक में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 220/132/33 केवी का बड़ा ग्रिड उपकेंद्र स्थापित हो. साथ ही, खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमावर्ती थानों में बीएमपी (BMP) और एसटीएफ (STF) की स्थायी कंपनियों की तैनाती की जाए.
सामरिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध, पर योजनाओं से वंचित
नेताओं का साझा बयान: मुख्यमंत्री को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि ठाकुरगंज क्षेत्र कृषि, चाय बागानों, पर्यटन, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामरिक सुरक्षा (Strategic Location) की दृष्टि से पूरे बिहार में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है. परंतु, दुर्भाग्यवश यह इलाका वर्षों से अपेक्षित सरकारी उदासीनता का शिकार रहा है. तीव्र गति से बढ़ती आबादी के अनुपात में यहाँ न तो अच्छे अस्पताल हैं और न ही उच्च शिक्षा के पर्याप्त साधन. सीमा पार से होने वाली सुरक्षा चुनौतियों के कारण आम जनता हमेशा डरी-सहमी रहती है.
क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज:
मुख्यमंत्री तक सीधे ठाकुरगंज की आवाज पहुंचने के बाद पूरे सीमांचल क्षेत्र की राजनीतिक फिजा गर्म हो गई है. आम नागरिक, युवा और स्थानीय बुद्धिजीवी इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं. ठाकुरगंज की जनता को अब यह प्रबल उम्मीद जगी है कि डबल इंजन की सरकार इस सीमावर्ती और पिछड़े इलाके की बुनियादी तकलीफों को गंभीरता से लेगी और जल्द ही इन बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारकर क्षेत्रवासियों को एक ऐतिहासिक सौगात देगी.
