शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के मार्ग परिवर्तन की मांग ने पकड़ा जोर
न्यू जलपाई गुडी से हावड़ा के बीच वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने के बाद इस रूट पर पहले से चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस प्रभावित हुई है.
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
-ठाकुरगंज रेलवे यात्रा समिति ने शताब्दी को ठाकुरगंज के रास्ते परिचालन की मांग की
ठाकुरगंज न्यू जलपाई गुडी से हावड़ा के बीच वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने के बाद इस रूट पर पहले से चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस प्रभावित हुई है. इन दिनों शादी ब्याह के सीजन को देखते हुए भले वंदे भारत एक्सप्रेस में सीट खाली नहीं जा रही लेकिन इस शादी ब्याह के सीजन में भी शताब्दी एक्सप्रेस को यात्री नहीं मिल रहे. वहीं ट्रेन के लगातार खाली चलने के बाद इस ट्रेन के मार्ग परिवर्तन की मांग जोर पकड़ने लगी है. ठाकुरगंज रेल यात्री समिति ने न्यू जलपाईगुडी-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस के एनजीपी-सिलीगुड़ी-बागडोगरा ठाकुरगंज के रास्ते परिचालन की मांग की है. ताकि यात्रियों को तो सुविधा हो व रेलवे को भी फायदा हो.
एनजीपी से सुबह खुलती है ट्रेन
एनजीपी-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस एनजीपी से सुबह साढ़े पांच बजे खुलती है और किशनगंज साढ़े बजे पहुंचने के बाद बारसोई, मालदा, न्यू फरक्का, रामपुरहट, बोलपुर, बर्धमान होते हुए दोपहर 1:45 पर हावड़ा पहुंचती है. वापसी में यह ट्रेन दोपहर 2:25 पर हावड़ा से खुल कर रात 9:15 पर किशनगंज और 10:50 पर न्यू जलपाई गुडी पहुंचती है.
लगातार घट रहे है शताब्दी के यात्री
एक समय पर हावड़ा जाने के लिए यह ट्रेन एकमात्र प्रीमियम ट्रेन मानी जाती थी लेकिन अब इस रूट के यात्रियों को वंदे भारत एक्सप्रेस ज्यादा भा रहा है. जिसके कारण शताब्दी एक्सप्रेस के यात्री कम हो गए हैं.
पहले सीट मिलना था मुश्किल
वंदे भारत से पहले न्यू जलपाईगुडी से हावड़ा व हावड़ा से न्यू जलपाई गुडी तक शताब्दी एक्सप्रेस प्रीमियम क्लास की ट्रेन थी. महीने भर पहले कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल था. बताते चले शताब्दी एक्सप्रेस में चेयरकार के 10 कोच, हर कोच में 78 सीटें इस तरह 780 सीट वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास के दो कोच, हर कोच में 56 सीटें यानी 112 यात्री यात्रा कर सकते है.