सीमावर्ती ठाकुरगंज बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और उमस भरी तपन ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. मौसम के इस बदले मिजाज के बीच शहर में ठंडे और प्राकृतिक पेय पदार्थों, विशेषकर गन्ने के रस (Sugarcane Juice) की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया है. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, मुख्य बाजार और बस स्टैंड के पास लगे गन्ने के रस के स्टॉलों पर सुबह से ही शीतल पेय का स्वाद चखने और प्यास बुझाने के लिए लोगों का तांता लग रहा है.
मुख्य चौराहों पर ग्राहकों की लंबी कतारें
सोमवार को सप्ताह के पहले दिन बाजार पहुंचे आम नागरिकों, दुकानदारों, राहगीरों, मजदूरों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को तेज धूप में राहत की तलाश थी:
- बारी का इंतजार: मुख्य बाजार स्थित गन्ने के रस के ठेलों पर इतनी भीड़ रही कि कई स्थानों पर लोगों को गन्ने का रस पाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा.
- प्राकृतिक ठंडक: डिब्बाबंद और केमिकल युक्त सॉफ्ट ड्रिंक्स की तुलना में लोग ताजे, सुपाच्य और प्राकृतिक गन्ने के रस को अधिक तवज्जो दे रहे हैं.
विक्रेताओं के चेहरे खिले, बिक्री में उछाल
गन्ने का रस बेचने वाले स्थानीय दुकानदारों व विक्रेताओं के चेहरे पर मौसम की मेहरबानी से खुशी देखी जा रही है:
- ताजा स्वाद: विक्रेताओं का कहना है कि गन्ने के ताजे रस में नींबू, पुदीना, अदरक और हल्की बर्फ मिलाकर परोसने से यह न केवल स्वादिष्ट बनता है, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा और ठंडक भी प्रदान करता है.
- कारोबार को मिली रफ्तार: सुबह से दोपहर तक बिना रुके बिक्री जारी रहने से छोटे विक्रेताओं और रेहड़ी-पटरी वालों के रोजगार में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है.
आगे भी मांग बने रहने के आसार
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आगामी दिनों में क्षेत्र में चिलचिलाती धूप, उमस और बीच-बीच में हल्की छिटपुट बारिश का दौर बना रह सकता है. ऐसे में गन्ने के रस के साथ-साथ नारियल पानी, लस्सी और सत्तू जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों की मांग और बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
