किशनगंज : ठाकुरगंज प्रखंड की जीरंगछ पंचायत के वार्ड संख्या पांच स्थित झरुआडांगा में निर्मित शवदाह गृह बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या से जूझ रहा है. चारों ओर पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इससे निर्माण स्थल के चयन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार शवदाह गृह का निर्माण निचले खेत वाले क्षेत्र में कराया गया है. बारिश होते ही पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे शव को वहां तक ले जाना मुश्किल हो जाता है. कई बार मजबूरी में ग्रामीणों को दूसरे स्थान पर अंतिम संस्कार करना पड़ता है.
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण से पहले स्थल का समुचित सर्वेक्षण और भौगोलिक स्थिति का सही आकलन नहीं किया गया. उनका कहना है कि यदि ऊंचे और सुरक्षित स्थान का चयन किया गया होता तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती. लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शवदाह गृह का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है.
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से शवदाह गृह तक ऊंचा संपर्क मार्ग बनाने, परिसर का भराव कराने तथा स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही यह भी मांग की है कि जलभराव वाले स्थान का चयन किन परिस्थितियों में किया गया, इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए.
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल एक निर्माण कार्य की खामी नहीं, बल्कि योजना निर्माण और स्थल चयन की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है. जिस शवदाह गृह का निर्माण लोगों को सम्मानजनक और सुविधाजनक अंतिम संस्कार की सुविधा देने के उद्देश्य से किया गया था, वही बरसात के मौसम में परेशानी का कारण बन गया है.
