पुराने नाले को तोड़कर शुरू किया नया काम, अब भरा है बदबूदार पानी
दरअसल, बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (BUIDCO) द्वारा पौआखाली नगर बाजार में लाखों रुपये की लागत से नए नाले का निर्माण कराया जा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, PWD सड़क के किनारे पहले से एक निर्मित नाला मौजूद था, जो बाजार के पानी की निकासी का मुख्य जरिया था. विभागीय तालमेल की कमी के कारण ठेकेदार ने उस पुराने नाले को तो ध्वस्त कर दिया, लेकिन नए नाले का निर्माण समय पर पूरा नहीं कर सके. इसी बीच प्री-मानसून की बारिश शुरू हो गई और निर्माणाधीन नाले के गड्ढों में बारिश का पानी पूरी तरह लबालब भर गया है. पानी जमा होने से जहाँ एक ओर निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है, वहीं दूसरी ओर यह मुसीबत आम जनता के गले पड़ गई है.
दुकानदारी पूरी तरह चौपट, बदबू और मच्छरों के साए में कट रहे दिन
नाला अधूरा होने और पानी की सुचारू निकासी का कोई वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण अब नालियों का गंदा और बदबूदार पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर फैल रहा है. तकनीकी विफलता का आलम यह है कि ठेकेदार द्वारा मोटर पंप के जरिए नाले से पानी निकालकर आस-पास की खुली जगहों पर ही बहाया जा रहा है.
स्थिति यह है कि:
- धंधा पूरी तरह प्रभावित: मुख्य बाजार की दुकानों के ठीक सामने गहरा नाला खुदा होने और चारों तरफ गंदा पानी जमा होने से ग्राहकों ने दुकानों पर आना बंद कर दिया है.
- व्यापारियों की फजीहत: स्थानीय दुकानदारों को दिनभर तीखी बदबू, सड़ांध और मच्छरों के आतंक के साए में बैठना पड़ रहा है, जिससे उनका व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया है.
महामारी की आशंका, संक्रामक रोग फैलने का बढ़ा खतरा
पौआखाली बाजार आने वाले राहगीरों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को इसी बदबूदार और संक्रामक पानी से होकर मजबूरन गुजरना पड़ रहा है. तेज उमस भरी गर्मी और लगातार हो रही बारिश के बीच यह जमा हुआ गंदा पानी अब मच्छरों और जानलेवा बैक्टीरिया का मुख्य केंद्र बन चुका है. स्थानीय बुद्धिजीवियों ने आशंका जताई है कि यदि इस स्थिति को तुरंत दुरुस्त नहीं किया गया, तो पूरे बाजार क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी संक्रामक महामारियां फैल सकती हैं.
कछुआ गति से चल रहे काम पर फूटा गुस्सा, जिला प्रशासन से गुहार
स्थानीय व्यापारियों और आम जनता का गुस्सा बुडको की कार्यशैली और ठेकेदार की लापरवाही पर फूट पड़ा है. लोगों का कहना है कि जब बरसात का समय नजदीक था, तो प्रशासन को मुख्य बाजार की व्यस्त सड़क को इस तरह खोदकर लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए था. लाखों रुपये की यह महत्वाकांक्षी विकास योजना अब उनके लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का कारण बन चुकी है. पीड़ित दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने किशनगंज जिला प्रशासन और विभागीय वरीय अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सड़कों से गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित कराई जाए और निर्माण कार्य को जल्द से जल्द गुणवत्ता के साथ पूरा कर बाजार को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति दिलाई जाए.
पौआखाली (किशनगंज) से रणविजय की रिपोर्ट:
