ठाकुरगंज
ठाकुरगंज में 11 नवंबर को दूसरे चरण के मतदान की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है. एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न) के बाद हो रहे इस पहले चुनाव में मतदान करने बड़ी संख्या मे प्रवासी बिहारी अपने घर लौट रहे हैं. दिल्ली जैसे राज्यों से आने वाली ट्रेन में महानंदा एक्सप्रेस में ‘नो रूम’ की स्थिति है. जनरल और स्लीपर हो या वातानुकूलित सभी वर्गों में यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है. पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों के इस ट्रेन से उतरने और उनके द्वारा मतदान करने के लिए आने की बात कही जा रही है.वोट डालने के लिए बिहार आ रहे प्रवासी मतदाता
बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो सिर्फ अपने मत का प्रयोग करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर बिहार लौट रहे हैं. इन प्रवासियों को उम्मीद है कि उनके वोट से ऐसी सरकार बने जो बिहार में उद्योग और रोजगार के अवसर सृजित करे, ताकि अगली बार उन्हें दूसरे प्रदेशों में मेहनत-मजदूरी के लिए न जाना पड़े. बिहार के प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रवासी वोटर्स को साधने की पूरी तैयारी कर ली है. महागठबंधन जहां एक ओर रोजगार और सरकारी नौकरी के वादों के साथ एनडीए को सत्ता से दूर करने के सहारे प्रवासियों को रिझा रहा है, वहीं एमआईएम ने भी प्रवासी वोटरों को रिझाने के लिए काफी दावे किये है. रविवार को ठाकुरगंज स्टेशन पर दिल्ली से आने वाली महानंदा एक्सप्रेस में यात्रियों की भीड़ ने त्योहार जैसी रौनक पैदा कर दी थी.एसआईआर के कारण भी आ रहे है प्रवासी
वहीं कई लोगों का मानना है की पिछले दिनों हुए एसआईआर के बाद बने डर की वजह से भी लोग अलर्ट हो गए हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
