आशा को मिला ''डिजिटल'' मंत्र, अब एम-आशा ऐप से होगी मॉनिटरिंग
आशा को मिला 'डिजिटल' मंत्र, अब एम-आशा ऐप से होगी मॉनिटरिंग
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का तड़का: अब कागजी रजिस्टरों से मिलेगी मुक्ति, रियल-टाइम अपडेट होंगे मातृ-शिशु स्वास्थ्य के आंकड़े
किशनगंज. जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गयी है. इसी कड़ी में टेढ़ागाछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा के लिए एम-आशा ऐप के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस पहल का मुख्य उद्देश्य आशा को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके कार्यों को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है.
ऐप के माध्यम से सेवाओं की होगी सटीक निगरानी
प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया कि अब उन्हें लाभार्थियों की डिजिटल एंट्री करनी होगी. इसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां, टीकाकरण, गर्भावस्था के दौरान जांच (एएनसी) व प्रसव पूर्व व पश्चात मिलने वाली सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग ऐप के जरिए ही की जाएगी. ऐप के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और आम लोगों तक उनकी पहुंच में व्यापक सुधार होने की उम्मीद है.
जमीनी स्तर पर मजबूत होगी व्यवस्था: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि एम-आशा ऐप जमीनी स्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक मजबूत आधार प्रदान करेगा. उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यम से सटीक और त्वरित डेटा उपलब्ध होने से स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी, जिससे आपात स्थिति में समय पर स्वास्थ्य हस्तक्षेप संभव हो सकेगा. उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से इस तकनीक को नियमित अपनाने की अपील की.
कागजी रजिस्टर पर निर्भरता होगी खत्म: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने इस पहल को क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि ऐप के आने से फील्ड स्तर पर कामकाज का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा. अब आशा कार्यकर्ताओं को भारी-भरकम कागजी रजिस्टरों के बोझ से मुक्ति मिलेगी. मोबाइल ऐप से रिपोर्टिंग करना न केवल आसान होगा, बल्कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी.
रिमाइंडर व अलर्ट से काम होगा आसान
प्रशिक्षण के दौरान बीएचएम अजय साहा ने आशा कार्यकर्ताओं को ऐप की बारीकियों से रूबरू कराया. उन्होंने लॉग-इन प्रक्रिया, डेटा एंट्री व रिपोर्ट जनरेशन का व्यावहारिक अभ्यास कराया. विशेष रूप से ऐप में मौजूद ”रिमाइंडर और अलर्ट” फीचर के बारे में बताया गया, जिससे टीकाकरण और नियमित जांच का समय चूकने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी.
आशाओं में दिखा उत्साह, चरणबद्ध तरीके से मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में शामिल आशा कार्यकर्ताओं ने इस बदलाव का स्वागत किया है. उनका कहना है कि मोबाइल ऐप से जानकारी तुरंत अपडेट करना आसान होगा व समय की भी बचत होगी. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले की सभी आशा कार्यकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त और प्रभावशाली बनाया जा सके.