नाबार्ड की योजनाओं पर डीएम सख्त: लंबित पुल व सड़क परियोजनाओं को जल्द शुरू करने का अल्टीमेटम

नाबार्ड की योजनाओं पर डीएम सख्त: लंबित पुल व सड़क परियोजनाओं को जल्द शुरू करने का अल्टीमेटम

समीक्षा बैठक: ग्रामीण विकास में नहीं चलेगी सुस्ती, टेढ़ागाछ व कोचाधामन की रुकी योजनाओं पर जतायी नाराजगी

किशनगंज. जिले के ग्रामीण इलाकों में आधारभूत संरचना को मजबूती देने वाली नाबार्ड की रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (आरआइडीएफ) योजनाओं की रफ्तार पर जिला प्रशासन ने पैनी नजर गड़ा दी है. जिलाधिकारी विशाल राज ने समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में मासिक समीक्षा बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने लंबित पड़ी परियोजनाओं को युद्ध स्तर पर शुरू करने का निर्देश दिया है.

आरडब्ल्यूडी-1: 13 में से पांच परियोजनाएं हुई पूरी

समीक्षा के दौरान पाया गया कि रूरल वर्क्स डिपार्टमेंट-1 (ग्रामीण कार्य विभाग) के अंतर्गत जिले में कुल 13 योजनाएं स्वीकृत हैं. इनमें से पांच परियोजनाओं का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जबकि आठ योजनाओं पर वर्तमान में काम चल रहा है. डीएम ने चालू कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं.

आरडब्ल्यूडी-2: 34 सड़कों व पुलों का जाल बिछा, 10 प्रगति पर

वहीं, ग्रामीण कार्य विभाग प्रमंडल-2 की स्थिति बेहतर दिखी, जहां कुल 46 स्वीकृत परियोजनाओं में से 34 पूर्ण हो चुकी हैं. बैठक में बताया गया कि 10 योजनाओं पर काम तेजी से जारी है, लेकिन 02 परियोजनाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं (नॉट ग्राउंडेड). जिलाधिकारी ने इन लंबित योजनाओं पर असंतोष व्यक्त करते हुए इन्हें अविलंब शुरू करने को कहा है.

टेढ़ागाछ व कोचाधामन के लंबित पुलों पर विशेष नजर

समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आई कि आरडब्ल्यूडी-1 के तहत टेढ़ागाछ और कोचाधामन प्रखंड में आरसीसी पुल से संबंधित दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं लंबे समय से लंबित हैं. जिला पदाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अभियंताओं को कड़ा निर्देश दिया कि इन दोनों पुलों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करना सुनिश्चित करें ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही असुविधा दूर हो सके.

गुणवत्ता व समय-सीमा से समझौता नहीं

बैठक के अंत में जिलाधिकारी विशाल राज ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि आरआइडीएफ की योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों की लाइफलाइन हैं. सड़क व पुल के समय पर बनने से जिले के समग्र विकास को गति मिलती है. उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ-साथ सभी योजनाओं को निर्धारित डेडलाइन के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण करने का लक्ष्य दिया.

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Published by: Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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