वेतन संकट व अव्यवस्था के बीच बिहार के शिक्षक, संघ ने खोला मोर्चा
वेतन संकट व अव्यवस्था के बीच बिहार के शिक्षक, संघ ने खोला मोर्चा
बकरीद से पहले मई तक के वेतन भुगतान व सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों के ”प्राण” जनरेट करने की मांग, जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
किशनगंज. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने जिले के शिक्षकों, छात्रों व विद्यालयों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रागीबुर्रहमान ने जिलाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना, समग्र शिक्षा अभियान एवं लेखा योजना) को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सफल बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है, लेकिन वर्तमान में जिले के शिक्षक कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. सबसे प्रमुख मुद्दा नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान का है. संघ ने बताया कि मार्च महीने से ही शिक्षकों का वेतन लंबित है, जबकि सामने बकरीद जैसा बड़ा त्योहार है. वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट के साथ-साथ धार्मिक व पारिवारिक परेशानियां भी खड़ी हो गयी हैं. संघ ने मांग की है कि त्योहार को देखते हुए सभी कोटि के शिक्षकों का मई माह तक का वेतन शीघ्र भुगतान किया जाए. संघ ने सक्षमता परीक्षा पास कर ”विशिष्ट शिक्षक” बने शिक्षकों की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया. ज्ञापन के अनुसार, सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके शिक्षकों ने एक अप्रैल से विद्यालयों में योगदान देकर ऑनलाइन प्रक्रिया भी पूरी कर ली है, लेकिन अब तक उनका प्राण जनरेट नहीं हुआ है, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है. विद्यालयों में पुस्तक वितरण को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं. संघ का आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित परिवहन मद की राशि का लाभ विद्यालयों तक नहीं पहुंच रहा है. हर वर्ष की तरह इस बार भी शिक्षकों ने अपनी निजी राशि खर्च कर प्रखंड मुख्यालय से पुस्तकों को विद्यालयों तक पहुंचाया. कई विद्यालयों में नामांकन के मुकाबले 70 प्रतिशत से भी कम पुस्तकें उपलब्ध कराई गयी हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. संघ ने शेष पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए निदेशालय स्तर पर पत्राचार करने की मांग की है. माध्यमिक व मध्य विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया. संघ का कहना है कि शिक्षकों के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है. स्थानांतरण प्रक्रिया में देरी होने की स्थिति में, फिलहाल सामंजन कर शिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है. ज्ञापन में परिभ्रमण राशि के भुगतान में देरी और अनियमितता का आरोप भी लगाया गया है. संघ ने कहा कि कई प्रधानाध्यापकों ने अपनी जेब से खर्च कर बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण कराया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद सभी विद्यालयों को एक साथ राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी, जिससे शिक्षकों में गहरा असंतोष है. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन से शिक्षा, शिक्षक व विद्यालय हित में इन सभी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है. इस मौके पर संघ के कई अन्य शिक्षक साथी भी उपस्थित थे.