राम के आदर्श और कृष्ण जन्म की उमंग में डूबा ठाकुरगंज, भगवत कथा के चौथे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब

जीवन का हर प्रसंग समाज को नैतिकता और कर्तव्यपरायणता का संदेश देता है.

ठाकुरगंज

नगर के हृदय स्थल जगन्नाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन पूरा ठाकुरगंज भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया. श्रद्धालुओं की भीड़ इस दौरान उमड़ी जो देर रात तक कथा श्रवण और कृष्ण जन्मोत्सव में मग्न रही. कथा के चौथे दिन कथावाचक श्रद्धेय श्री रामठाकुर जी महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया. उन्होंने बताया कि राम केवल एक राजा नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और त्याग के सर्वोच्च प्रतीक हैं. उनके जीवन का हर प्रसंग समाज को नैतिकता और कर्तव्यपरायणता का संदेश देता है. कथा के दौरान जब राम वनवास, भरत मिलाप और राम राज्य के प्रसंगों का वर्णन हुआ, तो पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा.

कृष्ण जन्मोत्सव बना आकर्षण का केंद्र

शाम होते-होते कथा पंडाल पूरी तरह सुसज्जित हो गया. रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और भव्य झांकियों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया. जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की घोषणा हुई, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठा. ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु झूम उठे और महिलाओं ने मंगल गीत गाकर वातावरण को और भी पवित्र बना दिया. कृष्ण जन्म के इस अवसर पर बाल गोपाल की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसमें नन्हे बच्चों ने भी कृष्ण-राधा का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया.

भक्ति, संगीत और संस्कृति का संगम

कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, आरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा. महिलाओं, युवाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को जीवंत बना दिया.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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