नशा के सौदागरों में नहीं है कानून का खौफ

अररिया : शराबबंदी के बाद नशा के लिए नशाबाज विकल्प के तौर के कोडिन युक्त कफ सीरप की ओर मुखातिब हुए. इस कारोबार से फायदा उठाने के लिए कोडिन युक्त कफ सिरप का अवैध कारोबार जिले में फलने-फूलने लगा. इधर पुलिस व एसएसबी ने इन अवैध कारोबारियों पर सख्त नजर रखना शुरू किया. नतीजा सामने […]

अररिया : शराबबंदी के बाद नशा के लिए नशाबाज विकल्प के तौर के कोडिन युक्त कफ सीरप की ओर मुखातिब हुए. इस कारोबार से फायदा उठाने के लिए कोडिन युक्त कफ सिरप का अवैध कारोबार जिले में फलने-फूलने लगा. इधर पुलिस व एसएसबी ने इन अवैध कारोबारियों पर सख्त नजर रखना शुरू किया. नतीजा सामने आने लगा कि कोडिन युक्त कफ सीरप बड़े पैमाने पर पुलिस व एसएसबी ने जब्त किया. कांड अंकित किये गये.

मौके पर पकड़े गये अवैध कारोबारी जेल भी गये. बावजूद इतने के यह कारोबार बंद नहीं हो पा रहा है. जिले में कहीं ना कहीं कोडिन युक्त कफ सिरप आज भी पकड़ा ही जा रहा है. आखिर ऐसे अवैध कारोबारियों पर कानून का डर क्यों नहीं हो पा रहा है. इसकी दो वजह बताये जाते हैं. जानकारों का मानना है कि इन अवैध कारोबारियों पर दो वजह से कानून का असर नहीं हो पा रहा है. पहला तो यह कि दवा की जब्ती के बाद जो मौके पर धराता है

उसे तो पुलिस जेल भेज देती है. फिर प्राथमिकी में वैसे लोगों का नाम डाल दिया जाता है, जिससे पर्यवेक्षण उद्योग चल सके. पर्यवेक्षण के बहाने कार्रवाई करने वाली पुलिस शिथिल हो जाती है. इससे कथित नामजदों को न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल जाती है या फिर उनका नाम पर्यवेक्षण के दौरान हट जाता है. दूसरी वजह यह कि कोडिन युक्त दवा का खेप कहां से आता है इसकी तह तक पुलिस नहीं जा पाती है. मुख्य आपूर्तिकर्ता पर पुलिस दबिश नहीं डाला जाना भी इसका कारक बन जाता है.

केस स्टडी-एक
दस जून की रात टॉल प्लाजा के समीप बिना नंबर के एक स्कार्पियो से पुलिस लगभग 20 कार्टून कोडिन युक्त कफ सिरप बरामद किया. मौके से चालक वाहन छोड़ कर फरार हो जाता है. ग्रामीणों ने वाहन को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था. पुलिस अब तक यह नहीं खुलासा कर पायी कि यह स्कार्पियो किसका है.
केस स्टडी-दो
शहर के ओमनगर का रहने वाला एक ठेला चालक शंकर पोद्दार जेल में है. उसके आवास से लगभग तीन हजार कोडिन युक्त कफ सिरप पुलिस ने जब्त किया था. पर्यवेक्षण में उसके माल की विल्टी सहित अन्य की जांच का निर्दश दिया गया था. जाहिर है मौका देकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने का कहीं न कहीं प्रयास किया गया.
केस स्टडी-तीन
शहर के सिसौना बस्ती से पुलिस ने एक व्यक्ति के रसोई घर से 4760 बोतल कोडिन युक्त सिरफ जब्त किया था. इसमें रजी मेडिकल हॉल के मालिक नूर सलाम व अन्य दो को नामजद किया गया था. लेकिन मुख्य नामजद खुली हवा में सांस ले रहा है.

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