अब भूटानी शराब पर जोर

शराबबंदी . आये दिन बस-ट्रेन से की जाती है शराब की जब्ती जिले में आये िदन शराब की जब्ती का मामला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. अवैध शराब कारोबारी नेपाल व भूटान से शराब मंगवाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे अपना रहे हैं. लोग शराब के लिए ऊंची कीमत पर खरीदने को तैयार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

शराबबंदी . आये दिन बस-ट्रेन से की जाती है शराब की जब्ती

जिले में आये िदन शराब की जब्ती का मामला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. अवैध शराब कारोबारी नेपाल व भूटान से शराब मंगवाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे अपना रहे हैं. लोग शराब के लिए ऊंची कीमत पर खरीदने को तैयार हैं.
किशनगंज : जिले में मद्यनिषेध अभियान की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं. अवैध कारोबारी कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. इसके साथ ही अब विदेशों से भी शराब मंगायी जा रही है. कुछ िदन भारतीय शराब पकड़ी जा रही थी, उसके बाद नेपाली, लेिकन अब तो भूटानी शराब भी पकड़ी जाने लगी है.
प्रशासनिक तंत्र के लिए चुनौती
आये दिन इस इलाके में हो रही शराब की अवैध खपत प्रशासनिक तंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, जिसकी रोकथाम को लेकर मजबूत इरादों के साथ सफल नीति की दरकार है़
नेपाल और बंगाल से की जा रही है शराब की आपूर्ति
इस इलाके में पड़ोसी राष्ट्र नेपाल, भूटान और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के विभिन्न जगहों से हो रही है अवैध शराब की आपूर्ति. एक निश्चित ठिकाने पर पहुंचने के लिए महिला और बच्चे को कैरियर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. शराब की बिक्री रात के समय चोरी छिपे से हो रही है़ यहां नेपाल निर्मित बोतल बंद देशी विदेश और बंगाल से विभिन्न उत्पाद की अंगरेजी शराब मंगा कर लोगों के बीच बेची जा रही है़
ऊंची कीमतों में शराब की बिक्री
क्षेत्र में बिकने वाली शराब को पुरानी बोतलों में डाल कर ऊंची कीमतों पर बेची जा रही है़
यहां क्वाटर की कीमत 250 रुपये तो हाफ की कीमत 600 और पूरी बोतल यानी एक लीटर वाली बोतल की कीमत 1000 से लेकर 1200 रुपये है़ इतना ही नहीं शराब की गुणवत्ता क्या और कैसी है इनसे खरीदारों को कोई मतलब नहीं होता़ वे अपनी दिन भर की गाढ़ी मेहनत की कमाई रोजाना ही शराब में फूंक रहे है़ं
ऑन डिलेवरी हो रही सप्लाई
शराब के अवैध कारोबारी प्रशासन से बचने के लिए शराब के शौकीन लोगों तक खुद शराब लेकर पहुंचता है और पैसे लेकर शराब आपूर्ति कराता है़ राह चलते और अलग-अलग ठिकानो पर बेखौफ होकर शराब की आपूर्ति बड़ी आसानी से कारोबार करते नजर आते है़ं
पैसों की लालच में धंधे से जुड़े हैं कई लोग
इस इलाके में पैसो की लालच में इस धंधे से कई लोग चोरी छुपे जुड़े हुए हैं. कहते है कि कारोबारी शराब के शौकीन लोगों से ही पैसे उधारी में लेकर शराब मंगवाने का काम पहले करता है़ फिर उसे बेचता है़, जिसमे युवा वर्ग और महिलाएं भी शामिल है़ं
इन जगहों में हो रही है आपूर्ति
पौआखाली, रसिया, खानाबारी, पेटभरी, कादोगांव, तारा बारी, साबोडांगी, जियापोखर, कद्दुभिट्टा ऐसे आदि स्थान हैं जहां चोरी छिपे शराब की बिक्री की सूचना लगातार मिल रही है लेकिन हैरान करने की बात है कि इस इलाके में काफी मात्रा में नेपाल और बंगाल से चेकिंग के बाद भी कैसे शराब की आपूर्ति हो रही है और लगातार हो रही है जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजमी है आखिर क्यों प्रशासनिक तंत्र इसे रोकने में विफल है़ इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है़
ठिकानों पर पहुंचायी जाती है शराब
क्या कहते हैं उत्पाद अधीक्षक
विभाग द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है अब तक 120 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि यदि कहीं अवैध शराब चोरी छिपे बेची जा रही है तो इसकी सूचना तत्काल हमें या फिर नजदीकी थानाध्यक्ष को दें.
नीरज कुमार रंजन, उत्पाद अधीक्षक, किशनगंज
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