इस्लाम में आतंकवाद व दहशतगर्दी की कोई जगह नहीं

किशनगंज : जो शख्स आतंकवाद व दहशतगर्द में शामिल है, उसका कोई जात व धर्म नहीं होता. वह अपने फायदे के लिए आतंक फैलाता है. ये बातें इस्लामिक रिसर्च एंड एजुकेशनल सेंटर के सचिव जावेद सरफराजी ने कहा. खगड़ा मेले में लगे इस सेंटर के स्टॉल में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री सरफराजी […]

किशनगंज : जो शख्स आतंकवाद व दहशतगर्द में शामिल है, उसका कोई जात व धर्म नहीं होता. वह अपने फायदे के लिए आतंक फैलाता है.

ये बातें इस्लामिक रिसर्च एंड एजुकेशनल सेंटर के सचिव जावेद सरफराजी ने कहा. खगड़ा मेले में लगे इस सेंटर के स्टॉल में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री सरफराजी ने कहा कि इस्लाम को लेकर पूरी दुनिया में कई गलतफहमियां एवं अफवाहें फैली हुई है. चंद लोगों की वजह से पूरी दुनिया आतंकवाद से प्रभावित है. वह अपने फायदे व बर्चस्व के लिए आतंकवाद को अपना हथियार बनाये हुए है. वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस्लाम को दहशतगर्दी के साथ जोड़कर इस्लाम को बदनाम करने में लगे है.
सरफराजी ने कहा कि इस्लामिक रिसर्च एंड एजुकेशनल सेंटर के माध्यम से एक छोटा सा प्रयास है कि लोग यहां आकर इस्लाम को समझे, इसके बारे में जाने. मौके पर मौजूद सेंटर के सदस्य सौहेल अख्तर नदबी ने कहा कि इस ट्रस्ट के माध्यम से हमारा प्रयास है कि पूरी दुनिया में यह पैगाम जाए की इस्लाम भाईचारा, प्रेम व अमन व शांति का प्रतीक है.
ट्रस्ट के लीगल एडवाइजर वरिष्ठ अधिवक्ता इम्तियाज अली उर्फ तमन्ना ने कहा कि आतंकवाद की जड़ में पश्चिमी देश है जो अपने फायदे के लिए आतंकवाद को बढ़ावा देते है. पश्चिमी देश हथियार भी तैयार करते है और मार्केट भी तैयार करते है. एक सवाल के जवाब में सांप तो सांप ही होता है, सांप को पालेंगे तो एक न एक दिन
जरूर काटेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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