मरीजों ने किया हंगामा
किशनगंज : स्थानीय सदर अस्पताल में शनिवार को महिला चिकित्सक के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने को ले मरीज व उनके परिजनों ने हंगामा किया. उनके आक्रोश का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात अन्य कर्मी मरीज व उनके परिजनों के आक्रोशित रूप को देख भाग खड़े हुए, जिस कारण पूरे अस्पताल परिसर में अफरा तफरी का माहौल व्याप्त हो गया.
मौके पर उपस्थित बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने किसी तरह आक्रोशित लोगों को समझा बुझा कर शांत कराया व सिविल सर्जन परशुराम प्रसाद को घटना से अवगत कराते हुए आरोपी महिला चिकित्सक शबनम यासमीन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. सिविल सर्जन डा परशुराम ने मौके पर ही महिला चिकित्सक शबनम यासमीन को फोन कर उन्हें काफी खरी-खोटी सुनायी. सिविल सर्जन की फटकार सुनने के बाद डा याससमीन फौरन सदर अस्पताल पहुंच गयी और रोगियों को देखना प्रारंभ कर दिया था.
क्या कहते हैं मरीज
मरीज अख्तरी बेगम पति मो चांद चूड़ीपट्टी निवासी सहित कानकी चौकाई निवासी जीनी परवीन पति शबाज शेख, सतबोलिया पोठिया निवासी हबीजा बेगम पति अलमास लाइन निवासी, सबीना बेगम पति लतीफुर्रहमान पुराना खगड़ा,रूखसारा पति अनवर आलम कालू बस्ती, बदरूल निशा पति निजामुद्दीन आदि ने बताया कि इलाके में महिला चिकित्सक की घोर कमी होने के कारण वे सदर अस्पताल आने को बाध्य हैं. परंतु शनिवार प्रात: 9 बजे अस्पताल पहुंचने के बावजूद भी 12 बजे तक महिला चिकित्सक शबनम यासमीन के अस्पताल न पहुंचने के कारण उनका गुस्सा फूट पड़ा था. उन्होंने कहा कि डा यासमीन के खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर शिकायतें दर्ज करायी गयी थी.
ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक शबनम यासमीन के गायब रहने के बाद मरीजों का फूटा आक्रोश
डा शबनम की लगातार शिकायतें मिल रही है, चेतावनी दी गयी है : सिविल सर्जन
क्या कहते हैं सीएस
यासमीन के द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरते जाने की शिकायत विभाग के वरीय पदाधिकारियों से कर दी गयी है. किसी भी पीड़ित मरीज के द्वारा मामले की लिखित शिकायत नहीं की गयी है. इसके बावजूद डा यासमीन को आखिरी चेतावनी दे दी गयी है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जायेगा.
डॉ परशुराम प्रसाद, सिविल सर्जन
