मुल्क के खिलाफ आवाज उठानेवाले गद्दार
किशनगंज : जामा मसजिद के शाही इमाम अब्दुल अहमद बुखारी ने राजनीतिक दलों पर मुसलमानों को ठगने का आरोप लगाया है. श्री बुखारी ने कहा कि पहले की सरकार हो या अब की मोदी सरकार, किसी ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया. श्री बुखारी किशनगंज स्थित अपने रिश्तेदार अनवार युसूफ के घर एक निजी कार्यक्रम में आये थे. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुल्क के खिलाफ आवाज उठाने वाले व पाकिस्तान का झंडा लहराने वाले देश के गद्दार हैं.
ठगा महसूस कर रहे मुसलमान
श्री बुखारी ने कहा कि आज भारत के मुसलमानों के लिए बीजेपी व संघ खुला दुश्मन बन गया है तो कांग्रेस व उसकी सहयोगी पार्टी छिपा दुश्मन. कांग्रेस ने अपने 55 वर्ष के शासनकाल में मुसलमानों का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक के रूप में किया. फिर वीपी सिंह की सरकार आयी. भारत के मुसलिम वीपी सिंह की शेरवानी पर फिदा हो गये, परंतु उन्होंने भी कुछ नहीं दिया.
अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार आ गयी है. देश के नौजवान मोदी की सुरक्षा, रोजगार व डेवलपमेंट के वादे में उलझ गये, परंतु 15 माह बाद मुसलमान आज खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बना कर ही भारत के
मुल्क के खिलाफ…
मुसलमानों के हित में कार्य किये जा सकते हैं न कि हिंदू व मुसलिम के बीच धर्म की दीवार खड़ी कर.
मुसलमानों काे देशभक्ति का सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं
श्री बुखारी ने कहा कि मोदीजी के शासनकाल में मुसलमानों को उनका वाजिब हक नहीं मिलता है तो मुसलमानों को अपने हक हकूक की लड़ाई लड़नी चाहिए. एक सवाल के जवाब में श्री बुखारी ने कहा कि भारत में असहिष्णुता का माहौल कहीं नहीं है और असहिष्णुता को लेकर अवार्ड लौटनेवाले लोगों का यह निजी मामला हो सकता है. उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों को किसी के द्वारा देशभक्ति का सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है.
मुल्क की आजादी में अपने प्राण न्योछावर कर भारत के मुलसमानों ने देशभक्ति का परिचय पूर्व में ही दे दिया है. एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूरे देश में कही भी राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लेकर मुसलमानों को कोई हर्ज नहीं है. परंतु जबरन आरएसएस का झंडा फहराये जाने का मुसलमान विरोध करते हैं.
कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बना कर हो मुसलमानों के हित में कार्य
बीजेपी व संघ मुसलमानों का खुला दुश्मन तो कांग्रेस व उसकी सहयोगी पार्टी छिपा दुश्मन
देश में कहीं नहीं है असहिष्णुता का माहौल
