एसडीओ ने चार लोगों को दबोचा
किशनगंज जिले में इंट्री माफिया का खेल बेरोक-टोक जारी है. अब तक पुलिस इंट्री माफिया को पकड़ने में नाकाम ही रही थी. लेकिन सदर एसडीओ मो शफीक एवं प्रभारी डीटीओ मनीष कुमार ने इंट्री माफिया के सरगना मो नाजीम सहित चार लोगों को धर दबोचा. पकड़ाया इंट्री नाजिम ठाकुरगंज प्रखंड के कुर्लीकोर्ट थाना में जीप चालक है.
उसके पिता इसी थाना में चौकीदार है.
किशनगंज : जिले में वर्षों से धड़ल्ले से चल रहे इंट्री के काले खेल का पर्दाफाश एसडीओ मो शफीक एवं डीटीओ मनीष कुमार ने मंगलवार को कर दिया. सोमवार देर रात्रि जिले के ठाकुरगंज प्रखंड के कुर्लीकोट थाना अंतर्गत पड़ने वाले चक्करमारी गांव के निकट छापेमारी के दौरान गिरफ्त में आये चार लोगों ने मंगलवार को अपने बयान के दौरान जहां इंट्री के खेल का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया. वहीं मामले के खुलासे के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप है.
दरअसल अपने इकबालिया बयान के दौरान गिरफ्त में आये कुर्लीकोट थाना के वाहन चालक नाजिम हुसैन ने जो कुछ भी कहा उसे सुन कर अधिकारियों के भी होश उड़ गये. पूछताछ के दौरान ही नाजिम के मोबाइल पर आये कॉल के मैसेज ने रही कसर भी पूरी कर दी. हालांकि गिरफ्त में आये पूर्णिया गुलाबबाग निवासी मो रईस उर्फ बबलू, मो अमजद व मो अली आजम उर्फ करिया से पूछताछ जारी थी. अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के उपरांत और भी कई सनसनीखेज खुलासे होंगे.
हालांकि इंट्री के खेल के पुराने खिलाड़ी रह चुके नाजिम हुसैन के पिता रशीद अली कुर्लीकोट थाना में चौकीदार के पद पर तैनात थे. परंतु पिता के बीमार हो जाने के बाद नाजिम ही उनके स्थान पर तत्काल कुर्लीकोट थाना में काम करता था. वह थाना के वाहन चालक होने की आड़ में बड़े आराम से इंट्री के कारोबार को संचालित किया करता था.
21 वर्षीय नाजिम के बीकॉम पार्ट वन का छात्र होने के कारण भाषा पर भी उसकी अच्छी पकड़ है. वीडियो कैमरे के साये में हो रही पूछताछ के दौरान नाजिम ने अधिकारियों को बरगलाने का भरपूर प्रयास किया परंतु एन वक्त पर आये मैसेज व कॉल ने उसकी सारी पोल खोल कर रख दी. पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी निवासी सीमेंट विक्रेता शर्मा जी के द्वारा भेजे गये मैसेज में कई ट्रकों के नंबर अंकित थे. जिन्हें ओवर लोड होने के बावजूद गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने की गुजारिश की गयी थी.
जब नाजिम के मोबाइल के स्पीकर को ऑन कर शर्माजी से बात की गयी तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुर्लीकोट थाना प्रभारी विजय कुमार कुछ कहते हैं और तुम कुछ और कहते हो. इस दौरान शर्मा जी ने विगत दिनों अधिकारियों द्वारा जब्त किये गये ओवर लोड वाहनों के लिए भी नाजिम को जमकर फटकार भी लगायी. नाजिम के मोबाइल की जांच के क्रम में बबलू, मैडम, विमलेश, जाकिर, गुड्डू सिंह, अकबर, संदीप कुमार, ललित, शांति खान, डबलू झा, पीके आदि के साथ-साथ एनएच31 किनारे स्थित कई लाइन होटलों व संचालकों के संग नाजिम की संलिप्तता उजागर हो गयी.
पूछताछ के क्रम में नाजिम ने बताया कि कुर्लीकोट थानाध्यक्ष विजय कुमार के निर्देश पर ट्रक मालिकों से वह मोटी रकम वसूला करता था और प्रतिदिन 50-60 ओवर लोड ट्रकों को पार कराने का कार्य किया करता था. उसने बताया कि पूर्व में उसके विरुद्ध लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उसे कुर्लीकोट थाना से हटा दिया गया था. परंतु विजय कुमार ने पदस्थापना के बाद उसे फिर से बहाल कर दिया था तथा तब से वह इंट्री के कारोबार का संचालन करने में जुट गया था.
उसने बताया कि ओवर लोड वाहनों के कुर्लीकोट थाना की सीमा में प्रवेश करते ही पुलिस पदाधिकारी दूर दराज के ग्रामीण इलाकों की गश्त पर निकल जाते हैं. उसने बताया कि हाल के दिनों में उसने कुर्लीकोट थानाध्यक्ष विजय कुमार के भाई अनिल यादव के यूबीजीबी कल्याणपुर मुंगेर शाखा में इंट्री द्वारा अर्जित किये गये लाखों रुपये एसबीआई चुरली शाखा से भेजा है.
